Kanwar Yatra 2025 : UP में सावन महीने में कांवर यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी, सुगम और सुरक्षित व्यवस्था को प्रशासन तैयार

Savan 2025 - कांवड़ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों पर 29,454 सीसीटीवी कैमरे, 395 ड्रोन, 1,845 जल सेवा केंद्र, 829 चिकित्सा शिवि

Jul 10, 2025 - 23:58
Jul 10, 2025 - 23:58
 0  45
Kanwar Yatra 2025 : UP में सावन महीने में कांवर यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी, सुगम और सुरक्षित व्यवस्था को प्रशासन तैयार
प्रतीकात्मक चित्र

उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा 2025 को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने यात्रा के दौरान मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी यातायात प्रबंधन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य लाखों शिव भक्तों की इस धार्मिक यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाना है। 

कांवड़ शिविरों और यात्रियों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं

कांवड़ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों पर 29,454 सीसीटीवी कैमरे, 395 ड्रोन, 1,845 जल सेवा केंद्र, 829 चिकित्सा शिविर और 1,222 पुलिस सहायता केंद्र व नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कांवड़ शिविरों के प्रबंधकों के साथ समन्वय कर सभी शिविरों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, एंटी-सबोटाज जांच भी की गई है।

पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों के मोबाइल नंबर, यातायात डायवर्जन योजना और अन्य जरूरी सूचनाएं बारकोड के जरिए समाचार पत्रों, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जा रही हैं।

सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती

यात्रा की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें 587 राजपत्रित अधिकारी, 2,040 निरीक्षक, 13,520 उपनिरीक्षक, 39,965 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 1,486 महिला उपनिरीक्षक, 8,541 महिला मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 50 कंपनियां केंद्रीय पुलिस बल/पीएसी और 1,424 होमगार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), क्विक रिएक्शन टीमें (QRT) और एंटी-टेरर स्क्वाड भी तैनात किए गए हैं। सभी पुलिसकर्मियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यात्रा के दिशा-निर्देशों और प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई है।

तकनीक से रियल-टाइम निगरानी

कांवड़ यात्रा मार्गों को सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह कवर किया गया है। ड्रोन और टीथर्ड ड्रोन के जरिए नियमित निगरानी की जाएगी। ड्रोन से प्राप्त वीडियो लिंक के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। इससे यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।

24 घंटे निगरानी और सोशल मीडिया प्रबंधन

पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में एक आठ सदस्यीय सोशल मीडिया टीम बनाई गई है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगी। यह टीम सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा से संबंधित सूचनाओं की निगरानी करेगी, भ्रामक खबरों का तुरंत खंडन करेगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। साथ ही, आपत्तिजनक पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष में भी एक आठ सदस्यीय टीम 24 घंटे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, यूपी-112 और अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं की निगरानी करेगी।

कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए एक अंतरराज्यीय व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप के जरिए रियल-टाइम सूचनाओं, मार्गों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की जानकारी साझा की जाएगी। भ्रामक सूचनाओं, फोटो या वीडियो का तुरंत खंडन सुनिश्चित किया जाएगा। यातायात प्रबंधन और डायवर्जन योजनाओं की जानकारी भी इस माध्यम से साझा की जाएगी।

यातायात प्रबंधन के लिए इंतजाम

यातायात को सुचारू रखने के लिए मुख्य चौराहों और मार्गों पर पर्याप्त रोशनी, इलेक्ट्रॉनिक साइन बोर्ड और संकेतक लगाए गए हैं। भीड़ के कारण कुछ राजमार्गों पर सामान्य यातायात को कुछ दिनों के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा, जिसके लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से चिह्नित किए गए हैं। बैरिकेटिंग और रूट डायवर्जन योजनाओं का रिहर्सल किया जा रहा है, और इनकी जानकारी समाचार पत्रों, स्थानीय चैनलों और सोशल मीडिया के जरिए दी जा रही है।

भारी और हल्के वाहनों को कांवड़ मार्गों से अलग रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा। कांवड़ियों और उनके वाहनों के लिए पर्याप्त पुलिस बल मार्गों और भीड़ वाले स्थानों पर तैनात रहेगा। साथ ही, कांवड़ियों को तेज गति से वाहन या मोटरसाइकिल न चलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

कांवड़ियों को राजमार्गों के बायीं ओर से चलने की अनुमति होगी, और भंडारे या शिविर सड़क से 20 फीट की दूरी पर बायीं ओर ही लगाए जाएंगे। नदियों और नहरों के किनारे स्थानीय गोताखोरों को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है, और वहां बैरिकेटिंग के साथ खतरा चिह्न भी लगाए गए हैं।

महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक थाना, चौकी और प्रमुख चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए व्यवस्था बनाए रखने और कांवड़ियों के लिए संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

कांवड़ मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है। सभी दुकानों पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य है ताकि अधिक कीमत वसूलने की शिकायत न आए। त्वरित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें एम्बुलेंस के साथ तैनात रहेंगी। इसके अलावा, 24 घंटे सक्रिय पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है, और यूपी-112 कर्मियों को इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।

Also Click : Hardoi में कांग्रेस की बैठक में 'जवाब दो-हिसाब दो' आंदोलन पर जोर, क्षेत्र पंचायत टोडरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन होगा शुरू

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow