Lucknow : रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए तूर, चना, मसूर एवं लाही-सरसों की खरीद के लक्ष्यों का आवंटन जारी
इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता आज कृषि भवन के समीक्षा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि मूल्य समर्थन योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद ही
- मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत नेफेड को 80 प्रतिशत और एनसीसीएफ को 20 प्रतिशत खरीद का लक्ष्य आवंटित
- फार्मर रजिस्ट्री के बाद ही मिल सकेगा किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ: कृषि मंत्री
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री की वर्चुअल बैठक में भी शामिल हुए कृषि मंत्री
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 (रबी 2025-26 मौसम) में मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत विभिन्न फसलों की खरीद के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और लक्ष्यों का आवंटन जारी कर दिया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तूर (अरहर-खरीफ), चना, मसूर एवं लाही-सरसों की अधिकतम अनुमन्य मात्रा के क्रय हेतु केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का विभाजन सुनिश्चित कर दिया गया है। इस वर्ष इन फसलों की खरीद की कार्यवाही 07 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ की जाएगी।
इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता आज कृषि भवन के समीक्षा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि मूल्य समर्थन योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद ही किसानों को मिल सकेगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे शीघ्र ही अपनी फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा कर लें ताकि इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके।
प्रदेश में केंद्रीय क्रय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का आवंटन 80:20 के अनुपात में किया गया है। इसके तहत नैफेड (NAFED) को कुल लक्ष्य का 80 प्रतिशत और एनसीसीएफ (NCCF) को 20 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। इसके अंतर्गत नैफेड को प्रदेश के 55 जनपदों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें बांदा, चित्रकूट, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, फतेहपुर, कानपुर देहात, प्रयागराज, कौशांबी, ललितपुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, औरैया, बलिया, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, वाराणसी, उन्नाव, अयोध्या, मैनपुरी, अम्बेडकर नगर, लखनऊ, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, गोण्डा, बाराबंकी, संत रविदास नगर, बलरामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, गोरखपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, देवरिया, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बदायूं, शामली, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ एवं बिजनौर शामिल हैं। वहीं एनसीसीएफ को 20 जनपदों का आवंटन किया गया है, जिनमें कानपुर नगर, मिर्जापुर, आज़मगढ़, चंदौली, मऊ, आगरा, कन्नौज, बस्ती, हरदोई, एटा, बहराइच, मथुरा, महाराजगंज, बरेली, मेरठ, पीलीभीत, संभल, बागपत, अमरोहा एवं इटावा जनपद प्रमुख हैं। आंकड़ों के अनुसार, नैफेड द्वारा तूर का 91,024 मीट्रिक टन, चना का 1,79,200 मीट्रिक टन, मसूर का 5,41,600 मीट्रिक टन और लाही-सरसों का 4,24,000 मीट्रिक टन क्रय किया जाएगा। वहीं एनसीसीएफ को तूर के लिए 22,756 मीट्रिक टन, चना हेतु 44,800 मीट्रिक टन, मसूर हेतु 1,35,400 मीट्रिक टन और लाही-सरसों हेतु 1,06,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इस प्रकार कुल स्वीकृत लक्ष्य तूर के लिए 1,13,780, चना हेतु 2,24,000, मसूर हेतु 6,77,000 तथा लाही-सरसों हेतु 5,30,000 मीट्रिक टन निर्धारित है।
राज्य स्तरीय क्रय एजेंसियों के मध्य भी लक्ष्यों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। यूपीपीसीयू (UPPCU) को सर्वाधिक 40 प्रतिशत लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसके अंतर्गत वह तूर का 45,512, चना का 89,600, मसूर का 2,70,800 और लाही-सरसों का 2,12,000 मीट्रिक टन क्रय करेगी। यूपीपीसीएफ (UPPCF) को 20 प्रतिशत लक्ष्य के साथ तूर का 22,756 मीट्रिक टन और अन्य फसलों का इसी अनुपात में आवंटन मिला है। इसके अतिरिक्त जैफेड (JAFED) को 15 प्रतिशत, यूपीएसएस (UPSS) को 15 प्रतिशत और हॉफेड (HAFED) को 10 प्रतिशत क्रय लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी क्रय एजेंसियां आवंटित जनपदों के अनुसार ही क्रय कार्य सुनिश्चित करेंगी। वास्तविक उत्पादित सरप्लस के आधार पर जिलावार क्रय केंद्रों की संख्या तय की जाएगी। जिलाधिकारियों के अनुमोदन से क्रय केंद्र खोलते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीएसएस (PSS) गाइडलाइन्स का कड़ाई से अनुपालन हो। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शासन स्तर से की जाएगी ताकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक से ठीक पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में प्रदेश में किसान पहचान पत्र फार्मर आईडी के निर्माण की प्रगति, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकापूर्ण उपयोग पर अभियान, विकसित कृषि संकल्प अभियान -2026, जोनल एग्री कॉन्फ्रेंसस, रबी सीजन की खरीद रणनीति पर चर्चा की गई।
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