Sambhal: दहेज, सट्टा और हैवानियत: पति ने गड़ासे से किया हमला, इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता।
तीन साल की शादी के बाद एक महिला की जिंदगी दहेज की मांग, घरेलू हिंसा और जानलेवा हमलों का दर्दनाक सिलसिला बनकर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: तीन साल की शादी के बाद एक महिला की जिंदगी दहेज की मांग, घरेलू हिंसा और जानलेवा हमलों का दर्दनाक सिलसिला बनकर रह गई। पीड़िता हिना ने आरोप लगाया है कि उसका पति लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करता रहा, मारपीट करता रहा और कई बार जान से मारने की कोशिश भी की।
हिना के मुताबिक, ससुराल में शुरुआत से ही झगड़े होते थे। पति सट्टा खेलने का आदी है और कमाने के बजाय उस पर पैसे लाने का दबाव बनाता था। जब वह पैसे नहीं दे पाती, तो बेरहमी से पिटाई की जाती थी। हद तो तब हो गई जब हाल ही में पति ने गड़ासे से हमला कर उसे मारने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी देता था—“तुझे जान से मार दूंगा, मैंने सब प्लान कर रखा है।” घटना के दिन भी वह बुरी तरह घायल हो गई, लेकिन मोहल्ले वालों ने किसी तरह उसकी जान बचाई। हिना ने पुलिस और डॉक्टरों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में गड़ासे के हमले को डंडे की मारपीट बताकर मामला कमजोर किया गया। इतना ही नहीं, बिना उसकी जानकारी के तहरीर तैयार कर उसे साइन करा लिया गया, जबकि वह उस समय होश में भी नहीं थी। पीड़िता ने बताया कि वह अशिक्षित है और केवल हस्ताक्षर करना जानती है, जिसका फायदा उठाकर गलत दस्तावेज तैयार कर दिए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की और उसे उसी रात छोड़ दिया। औलाद न होने को लेकर भी पति उसे ताना देता है और इसी बात को लेकर रंजिश रखता है। फिलहाल हिना दूसरों के घरों में काम करके अपना गुजारा कर रही है। अब पीड़िता की एक ही मांग है—इंसाफ। वह चाहती है कि उसकी मेडिकल जांच दोबारा सही तरीके से हो, आरोपी के खिलाफ सख्त केस दर्ज हो और उसे जेल भेजा जाए। साथ ही, वह पुलिस और डॉक्टरों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर दिखाता है, बल्कि सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर पीड़ित महिलाओं को न्याय कब और कैसे मिलेगा।
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