Sambhal: फलस्तीन मुद्दे पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का बड़ा बयान: “यह कानून नहीं, नस्लकुशी है'।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इजरायल-फलस्तीन मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook पर एक तीखा
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इजरायल-फलस्तीन मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook पर एक तीखा और भावुक बयान जारी किया है।
बर्क ने अपने पोस्ट में इजरायल की संसद Knesset के हालिया फैसले को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यह फैसला सिर्फ एक नया कानून नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम को उजागर करता है जो अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 10,000 फ़लस्तीनी, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग शामिल हैं, हिंसा का शिकार हुए हैं। बर्क के अनुसार, जब कानून का उद्देश्य न्याय देना नहीं बल्कि एक खास समुदाय—फलस्तीनियों—को निशाना बनाना हो, तो यह इंसाफ की आत्मा के खत्म होने जैसा है। सपा सांसद ने कहा कि अस्पष्ट और धुंधले आरोपों, जैसे “State of Israel को नकारने की मंशा”, के आधार पर मौत की सजा देना सरासर भेदभाव है। उन्होंने इसे “डर और ताकत के जरिए नियंत्रण” की रणनीति बताया। अपने बयान में बर्क ने इस पूरे घटनाक्रम को “Genocide” यानी नस्लकुशी करार देते हुए कहा कि यह सब दुनिया की नजरों के सामने हो रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब ताकतवर देशों की जवाबदेही तय नहीं होती, तो अन्याय धीरे-धीरे सामान्य बना दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि खामोशी भी जुल्म का साथ देने के बराबर है। “आज अगर आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां सवाल करेंगी कि जब इंसाफ का जनाज़ा निकल रहा था, तब हम कहाँ थे,” उन्होंने लिखा।
जियाउर्रहमान बर्क का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल-फलस्तीन संघर्ष पर वैश्विक बहस तेज है। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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