Lucknow : ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से किसानों का सशक्तीकरण, तेजी से बढ़ रहा दायरा
योजना के अंतर्गत कई जनपदों में लाभार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि अनेक जिलों में प्रथम किश्त के अनुदान वितरण की कार्यवाही भी प्रगति पर है। हमीरपुर, कानपुर नगर, श्रावस्ती, संत कबीरनगर, जौनपु
- 75 जनपदों में विस्तार के साथ योजना ने पकड़ी रफ्तार, लक्ष्य बढ़ाकर 600 इकाई करने का निर्णय
- छोटे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा मजबूती का आधार
लखनऊ। प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही योगी सरकार की ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ लगातार विस्तार के साथ आगे बढ़ रही है। योगी सरकार इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को डेयरी गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत प्रदेश के 75 जनपदों में 294 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया जारी है। विभिन्न जनपदों में बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की कार्यवाही चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है, जिससे योजना का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।
योजना के अंतर्गत कई जनपदों में लाभार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि अनेक जिलों में प्रथम किश्त के अनुदान वितरण की कार्यवाही भी प्रगति पर है। हमीरपुर, कानपुर नगर, श्रावस्ती, संत कबीरनगर, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर जैसे जनपदों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। वहीं, द्वितीय किश्त के अनुदान वितरण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से सहायता मिल सके और वे अपने डेयरी इकाइयों को सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।
प्रदेश सरकार ने योजना के बढ़ते प्रभाव और किसानों की रुचि को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य को बढ़ाकर 600 इकाई कर दिया है, जो प्रति जनपद 08 इकाइयों के बराबर है। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि सरकार इस योजना को और व्यापक बनाकर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ना चाहती है।
हालांकि, कुछ जनपदों में बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान प्रस्तावों की प्रक्रिया प्रगति पर है, लेकिन सरकार द्वारा इसे शीघ्र पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिलों को छोड़कर अधिकांश जनपदों में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में सभी लक्ष्यों को पूर्ण करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ‘मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के माध्यम से प्रदेश के किसानों को डेयरी आधारित अतिरिक्त आय का मजबूत साधन मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।
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