Lucknow News: प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में घर-घर जांची जा रही पेयजल की शुद्धता
अमृत मित्र महिलाएं न सिर्फ घर-घर जाकर पानी की जांच कर रही हैं, बल्कि लोगों को शुद्ध पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक भी कर रही हैं। इस अभियान ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के...
सार-
- जनजन की सेहत संभालने के लिए अमृत मित्रों ने संभाला मोर्चा, स्वयं सहायता समूह की 788 महिलाएं अभियान में शामिल
- CM योगी (Yogi) के निर्देश पर घर-घर जाकर नल से सप्लाई किए जाने वाले जल का किया जा रहा परीक्षण, शुद्ध पेयजल के प्रति जागरूकता का हो रहा प्रसार
- अमृत 2.0 और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) मिलकर कर रहे CM योगी (Yogi) के विजन को साकार
By INA News Lucknow.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी (Yogi) सरकार ने आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी पहल की है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में घर-घर जाकर नल के पानी की जांच की जा रही है। खास बात ये है कि इस अभियान की कमान महिलाओं ने संभाली है। जिन्हें अमृत मित्र नाम दिया गया है।
CM योगी (Yogi) आदित्यनाथ के निर्देश पर अमृत 2.0 योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह की 788 महिलाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर इस काम में लगाया गया है।
- महिलाएं कर रहीं जल परीक्षण, शुद्ध पेयजल के लिए जागरूकता को दे रहीं बढ़ावा
अमृत मित्र महिलाएं न सिर्फ घर-घर जाकर पानी की जांच कर रही हैं, बल्कि लोगों को शुद्ध पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक भी कर रही हैं। इस अभियान ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथसाथ समाज की सोच भी बदली है। आज वही महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, अब घर-घर जाकर जल की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं और लोगों की सेहत की पहरेदार बन गई हैं।
अनोखी पहल ने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है। अब ये महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव भी ला रही हैं। अमृत मित्र महिलाओं की सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और मंच मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में इतिहास रच सकती हैं। योगी (Yogi) सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरी है।
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