Lucknow : गौशालाओं में पशु आहार की कमी न हो, लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मंत्री ने साफ किया कि गौ संरक्षण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी लक्ष्य पूरा करने में कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अभी गेहूं
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ में भूसा संग्रहण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गौशालाओं में कोई भी पशु भूखा-प्यासा नहीं रहना चाहिए। भूसा संग्रहण और गौआश्रय प्रबंधन के काम को मिशन मोड में चलाने की जरूरत है। मंत्री ने हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या जैसे कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को कड़ी चेतावनी दी और काम में तेजी लाने को कहा।
मंत्री ने साफ किया कि गौ संरक्षण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी लक्ष्य पूरा करने में कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अभी गेहूं की कटाई का समय है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में भूसे की उपलब्धता का फायदा उठाते हुए संग्रहण का काम जल्द पूरा किया जाए। प्रदेश में 1.37 करोड़ कुंतल भूसा इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल संग्रहित किया जा चुका है।
बैठक में मंत्री ने गौशालाओं में हरा चारा, साफ पानी, छाया और दवाओं की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वहां गोबर गैस प्लांट लगाने पर जोर दिया। पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को एनजीओ द्वारा संचालित गौशालाओं का सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12 लाख से अधिक गौवंश संरक्षित हैं। जालौन, मुजफ्फरनगर और नोएडा जैसे जिलों ने भूसा संग्रहण में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
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