महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025: स्वच्छताकर्मियों ने बनाया एक नया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने तोड़ा कुम्भ 2019 का अपना ही बनाया पुराना रिकार्ड 

महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 दिव्य-भव्य आयोजन के साथ अपने विश्व कीर्तिमानों के लिए भी जाना जा रहा है। एक ओर महाकुम्भ (Maha Kumbh) में अब तक 63 करोड़ श्रद्धालुओं का पवित्र ...

Feb 24, 2025 - 23:37
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महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025: स्वच्छताकर्मियों ने बनाया एक नया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने तोड़ा कुम्भ 2019 का अपना ही बनाया पुराना रिकार्ड 

सार-

  • महाकुम्भ (Maha Kumbh) में 15000 स्वच्छता कर्मियों ने एक साथ झाडू लगा कर बनाया ऐतिहासिक रिकार्ड 
  • 15 हजार स्वच्छताकर्मियों ने 10 किमी तक चलाया सफाई अभियान, 4 जोन में लगाई गई झाड़ू

By INA News Maha Kumbh Nagar.

महाकुम्भ (Maha Kumbh), विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक समागम होने के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से इस वर्ष स्वच्छ महाकुम्भ (Maha Kumbh) के तौर पर भी विकसित किया गया। इसी दिशा में इस वर्ष महाकुम्भ (Maha Kumbh) के दिव्य-भव्य आयोजन के साथ स्वच्छता के कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भी बनाये जा रहे हैं।इसी क्रम में सोमवार को मेला क्षेत्र के 4 जोनों में एक साथ 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने सफाई कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का प्रयास किया। महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 में यूपी की प्रदेश सरकार और प्रयागराज मेला प्राधिकरण अपना ही पिछला वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ा। इस अवसर पर प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी, महाकुम्भ (Maha Kumbh) की विशेष कार्यधिकारी आकांक्षा राणा और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की ऑबरवेशन टीम उपस्थिति थी।  

  • 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड

महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 दिव्य-भव्य आयोजन के साथ अपने विश्व कीर्तिमानों के लिए भी जाना जा रहा है। एक ओर महाकुम्भ (Maha Kumbh) में अब तक 63 करोड़ श्रद्धालुओं का पवित्र त्रिवेणी में स्नान करना जहां अपने आप में स्वयं एक विश्व रिकार्ड है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से स्वच्छ महाकुम्भ (Maha Kumbh) अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर महाकुम्भ (Maha Kumbh) में कई वर्ल्ड रिकार्ड बनाये जा रहे हैं।इसी क्रम में महाकुम्भ (Maha Kumbh) मेला क्षेत्र के 4 जोनों में एक साथ 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने झाडू लगा कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का प्रयास किया। इसकी फाइनल रिपोर्ट 3 दिन बाद जारी की जाएगी। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड संस्था की ओर से मुख्य ऑबजर्वर एवं निर्णायक ऋषि नाथ अपनी टीम के साथ लंदन के मुख्यालय से प्रयागराज आये हैं। साथ ही पूरी प्रक्रिया के ऑबजर्वेशन और अल्टरेशन का कार्य नीरज प्रकाश एंड एशोसियेट चार्टेड एकाउटेंट फर्म कर रही है। स्वच्छताकर्मियों की संख्या की गणना उनके हाथ में लगाये गये स्कैन कोड युक्त बैंड को स्कैन करके की गई है।

  • महाकुम्भ (Maha Kumbh) से पूरे विश्व को है स्वच्छता का महासंदेश

प्रयागराज मेला प्राधिकरण महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 में अपना ही पिछला कुम्भ 2019 का वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ने का प्रयास किया। कुम्भ 2019 में जहां 10 हजार स्वच्छता कर्मियों ने एक साथ झाडू लगा कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाया था। वहीं इस वर्ष महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 में एक साथ 15 हजार स्वच्छता कर्मी एक साथ झाडू लगा कर नया कीर्तिमान बना रहे हैं।गंगा सेवादूत और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के मार्गदर्शन में सेक्टर-2 के हेलीपैड, सलोरी नागवासुकी क्षेत्र, अरैल और झूंसी में 4-4 हजार स्वच्छता कर्मियों ने प्रक्रिया में भागीदारी की। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी ने कहा कि महाकुम्भ (Maha Kumbh) में बन रहा स्वच्छता का ये विश्व रिकार्ड प्रयागराज की पवित्र भूमि से पूरे विश्व को स्वच्छता महासंदेश दे रहा है। ये जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और उनकी भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

  • 10 किमी. तक चला सफाई अभियान

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कहा कि महाकुम्भ (Maha Kumbh) आज विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक, अध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बनकर उभरा है। जिसे सफल बनाने में हमारे सच्चे नायक स्वच्छता कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने हेतु दिन-रात कार्य किया। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ (Maha Kumbh) मेला क्षेत्र में सोमवार को 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने लगभग 10 किमी. तक सफाई अभियान चलाकर एक नया कीर्तिमान रचा है, जो देश की स्वच्छता के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह रिकॉर्ड हमारे स्वच्छता कर्मियों के समर्पण और एकजुटता का अभूतपूर्व उदाहरण है। हजारों स्वच्छता कर्मियों ने मिलकर इस पवित्र आयोजन को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली का हिस्सा बने। महाकुम्भ (Maha Kumbh) का यह कीर्तिमान हमें प्रेरित करता है कि हम हर दिन अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और एक स्वस्थ भारत की ओर कदम बढ़ाएं।

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