Mussoorie : मसूरी में भगत सिंह चौक पर गूंजे अमर शहीद भगत सिंह अमर रहें के नारे, हरीश रावत ने शहीद को दी श्रद्धांजलि

रावत ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उस वक्त प्रदेश को दोबारा खड़ा किया था और आज भी आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर है। उन्हों

Sep 27, 2025 - 22:10
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Mussoorie : मसूरी में भगत सिंह चौक पर गूंजे अमर शहीद भगत सिंह अमर रहें के नारे, हरीश रावत ने शहीद को दी श्रद्धांजलि
Mussoorie : मसूरी में भगत सिंह चौक पर गूंजे अमर शहीद भगत सिंह अमर रहें के नारे, हरीश रावत ने शहीद को दी श्रद्धांजलि

भ्रष्टाचार, आपदा प्रबंधन और एमएसपी पर राज्य सरकार को घेरा; कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी

रिपोर्ट : सुनील सोनकर

मसूरी में अमर शहीद भगत सिंह की जयंती पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मसूरी पहुंचे और भगत सिंह चौक पर स्थित शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर भगत सिंह अमर रहें और इंकलाब जिंदाबाद के नारों से चौक का माहौल देशभक्ति से भर गया। हरीश रावत ने कहा कि भगत सिंह जैसे बलिदानी सिर्फ क्रांतिकारी नहीं, बल्कि मानवता के प्रतीक हैं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दी। शहीद भगत सिंह हमारे दिलों में एक युवा क्रांतिकारी के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे। उनका बलिदान आज भी हमें अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है।पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार और कृषि मंत्री गणेश जोशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में कृषि, सिंचाई और बागवानी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ने भी इस भ्रष्टाचार का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को जांच के निर्देश दिए हैं। रावत ने आरोप लगाया कि बागवानी विभाग में मंत्री ने सब कुछ बेच दिया है। नीतियों से ज्यादा फोकस निजी लाभ पर है। उद्यान मंत्री केवल फैसलों में दिखाई देते हैं, जमीन पर नहीं। उन्होंने विशेष रूप से हर्षिल क्षेत्र के सेब उत्पादकों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी 51 रुपये प्रति किलो घोषित तो कर दिया है, लेकिन अभी तक किसानों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाया है।

रावत ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उस वक्त प्रदेश को दोबारा खड़ा किया था और आज भी आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर है। उन्होंने 2025 में संभावित आपदाओं का संकेत देते हुए कहा कि सरकार को अभी से तैयारी करनी चाहिए, लेकिन वर्तमान सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है। उन्होंने कहा कि हमने 2013 की आपदा से उबरने का काम किया, अब 2025 की संभावित आपदा से भी निपटने को तैयार रहना होगा। लेकिन सरकार में इच्छाशक्ति की कमी दिख रही है।पर्यटन को लेकर भी रावत ने चिंता जताई और कहा कि विश्व पर्यटन दिवस जैसे अवसरों को राज्य की आर्थिक मजबूती से जोड़ना चाहिए। मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों को केवल पर्यटकों से नहीं, योजनाओं से भी सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस जिन मुद्दों को उठा रही है जैसे किसान, आपदा राहत, भ्रष्टाचार आदि वे जमीनी हकीकत से जुड़े हैं। सरकार को बताना चाहिए कि ये मुद्दे बेमतलब कैसे हैं? जब मंत्रीगण भ्रष्टाचार में लिप्त हों, एमएसपी का लाभ किसान को न मिले, और आपदा राहत जमीन पर न पहुंचे तो क्या जनता चुप रहे? रावत ने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों को लेकर सरकार को विधानसभा से लेकर सड़कों तक घेरेगी।

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