मुजफ्फरनगर: एसएचओ ने रिवॉल्वर से दिखाया भौकाल, अखिलेश यादव ने निलंबित करने की बात कही..

वीडियो में दिख रहा है कि ककरौली थाना क्षेत्र के SHO रिवॉल्वर ताने हैं। इसे लेकर अखिलेश यादव ने कहा, 'मीरापुर के ककरौली थाना क्षेत्र के SHO को चुनाव आयोग तुरंत निलंबित करे, क्योंकि वो रिवॉल्वर से धमकाकर वोटर्स को वोट डालने से रोक रहे हैं।' इससे पहले मीरापुर उपचुनाव में मतदान को लेकर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बड़ा आरोप लगाया था।

Nov 20, 2024 - 23:36
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मुजफ्फरनगर: एसएचओ ने रिवॉल्वर से दिखाया भौकाल, अखिलेश यादव ने निलंबित करने की बात कही..

By INA News Muzaffarnagar.

उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच मीरापुर सीट से एक गंभीर मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मीरापुर के ककरौली थाना क्षेत्र के एसएचओ पर मतदाताओं को रिवॉल्वर दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने इस घटना से जुड़े एक वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए चुनाव आयोग से एसएचओ को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। इस घटना पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने सफाई दी है। पुलिस का कहना है कि एसएचओ ने किसी को धमकाया नहीं, बल्कि दो गुटों के विवाद को सुलझाने के लिए कार्रवाई की गई थी।

वीडियो में दिख रहा है कि ककरौली थाना क्षेत्र के SHO रिवॉल्वर ताने हैं। इसे लेकर अखिलेश यादव ने कहा, 'मीरापुर के ककरौली थाना क्षेत्र के SHO को चुनाव आयोग तुरंत निलंबित करे, क्योंकि वो रिवॉल्वर से धमकाकर वोटर्स को वोट डालने से रोक रहे हैं।' इससे पहले मीरापुर उपचुनाव में मतदान को लेकर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बड़ा आरोप लगाया था।

सांसद ने पुलिस प्रशासन पर एक वर्ग विशेष के वोट न डालने देने का आरोप लगाया था। साथ ही आला अधिकारियों पर शिकायतों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। सांसद ने कहा, चुनाव नहीं लोकतंत्र की हत्या हो रही है। सांसद ने अधिकारियों से कहा, 'सरकार आनी जानी होती है, लेकिन लोकतंत्र जिंदा रहना चाहिए।

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि मीरापुर के ककरौली थाने के एसएचओ राजीव शर्मा ने मतदाताओं को वोट देने से रोकने के लिए रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए लिखा, "चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करते हुए इस पुलिस अधिकारी को निलंबित करना चाहिए।"

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वीडियो में एसएचओ को अपनी सर्विस रिवॉल्वर ताने हुए दिखाया गया है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एसएचओ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, दो गुटों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा, जहां उन पर पथराव किया गया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

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