रद किए गये 6 करोड़ राशन कार्ड, चेक करें कहीं आपका नाम इस लिस्ट में तो नहीं

सभी उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न वितरण संचालित किया जाता है। ई-पीओएस उपकरण के माध्यम से वितरण प्रक्रिया के दौरान लाभार्थी के आधार का प्रमाणीकरण किया जाता है, जिससे सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचाना संभव हो पाता है। आधार प्रमाणीकरण का उपयोग अभी कुल खाद्यान्न ..

By INA News Desk
Nov 20, 2024 - 23:43
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रद किए गये 6 करोड़ राशन कार्ड, चेक करें कहीं आपका नाम इस लिस्ट में तो नहीं

By INA News New Delhi.

देश में केंद्र सरकार अभी 80 करोड़ 60 लाख लोगों को 20.4 करोड़ राशन कार्ड(Ration Card) के माध्यम से राशन मुफ्त दे रही है। इनमें 99.80 प्रतिशत राशन कार्ड(Ration Card) को आधार से लिंक कर दिया गया है। देश भर के 5.33 लाख ई-पीओएस (इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल) उपकरणों के जरिए उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी 20.4 करोड़ घरेलू राशन कार्ड(Ration Card)ों की संपूर्ण वितरण प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत कर दिया है।
देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न वितरण संचालित किया जाता है। ई-पीओएस उपकरण के माध्यम से वितरण प्रक्रिया के दौरान लाभार्थी के आधार का प्रमाणीकरण किया जाता है, जिससे सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचाना संभव हो पाता है। आधार प्रमाणीकरण का उपयोग अभी कुल खाद्यान्न के लगभग 98 प्रतिशत वितरण के लिए ही किया जा रहा है जिससे अपात्र लाभार्थियों को हटा कर हेरा-फेरी की आशंका कम कर दी गई है। राशन कार्ड(Ration Card) के डिजिटलीकरण के चलते देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव आया है। 
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आधार एवं ईकेवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रणाली के माध्यम से सत्यापन कराने के बाद लगभग पांच करोड़ 80 लाख से अधिक राशन कार्ड(Ration Card) फर्जी पाए गए हैं, जिन्हें सरकार ने रद्द कर दिया है। इससे वितरण प्रणाली के हेर-फेर में काफी हद तक कमी आई है और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिली है। राशन कार्ड(Ration Card)ों के डिजिटलीकरण और आधार से जोड़े जाने से दोहराव की आशंका खत्म हो गई है।
वन नेशन वन राशन कार्ड(Ration Card) की पहल से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के किसी भी हिस्से में सभी 80.6 करोड़ लाभार्थियों को उसी मौजूदा राशन कार्ड(Ration Card) द्वारा नि:शुल्क खाद्यान्न मिल सकता है। चाहे उनके राशन कार्ड(Ration Card) किसी भी राज्य या जिले में जारी हुए हों। आधार से संबद्ध होने के चलते पारदर्शी व्यवस्था है।

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