नानकसर ठाठा: चौथे दिन गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की हृदयस्पर्शी कथा से सराबोर हुई संगत।

गुरुद्वारा नानकसर ठाठ गजरौला में चल रहे सात दिवसीय सालाना गुरु मान्यो ग्रंथ समागम के चौथे दिन का कार्यक्रम आज अत्यंत श्रद्धा और

Dec 4, 2025 - 17:29
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नानकसर ठाठा: चौथे दिन गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की हृदयस्पर्शी कथा से सराबोर हुई संगत।
नानकसर ठाठा: चौथे दिन गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की हृदयस्पर्शी कथा से सराबोर हुई संगत।

ब्यूरो चीफ: आमिर हुसैन 

बाजपुर। गुरुद्वारा नानकसर ठाठ गजरौला में चल रहे सात दिवसीय सालाना गुरु मान्यो ग्रंथ समागम के चौथे दिन का कार्यक्रम आज अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।आज के मुख्य दिवान में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने पवित्र कथा-कीर्तन द्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब जी की महान शहादत का हृदयस्पर्शी वर्णन करते हुए अमृत पान की महत्ता को संगत के समक्ष विस्तारपूर्वक समझाया।

उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत मानवता, धर्म और नैतिक मूल्यों की रक्षा का विश्व इतिहास में अनुपम उदाहरण है।समागम में रागी भाई हरजीत सिंह, कथावाचक भाई सुरजीत सिंह, कविशर जत्था भाई जोगा सिंह खालसा, कथावाचक भाई त्रिलोक सिंह यूके, महान पंथ प्रचारक बाबा अमरजीत सिंह गालिब खुर्द वाले ने अपने अमृतमयी शब्दों और गुरु परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालकर संगत को निहाल किया।समागम के दौरान गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने दिल्ली बांग्ला साहिब से पधारे ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा का कृपाण व अंग-वस्त्र और सिरोपा देकर विशेष रूप से सम्मान किया।

संगत द्वारा चौथे दिन के इस पवित्र समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गुरबाणी शब्द कीर्तन का आनंद प्राप्त किया। समागम में भाई अनमोल सिंह, बलदेव सिंह, किशन सिंह ज्ञान सिंह, बलवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, गुरसेवक सिंह,गुरपिंदर सिंह आदि थे।

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