Uttrakhand : गुरु मान्यो ग्रंथ समागम के दूसरे दिन गुरबाणी की महिमा से गूंजा नानकसर गजरौला
पंजाब से पधारे विख्यात कथावाचक बाबा अमरजीत सिंह (गालिब खुर्द वाले) ने कथा-कीर्तन करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं जाति, ऊंच-नीच या संप्रदाय
ब्यूरो चीफ: आमिर हुसैन
“गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षा सभी के लिए एक समान” – बाबा अमरजीत सिंह
बाजपुर (ऊधमसिंह नगर)। गुरुद्वारा नानकसर गजरौला में चल रहे सालाना गुरु मान्यो ग्रंथ समागम के दूसरे दिन देश-विदेश से पधारे प्रसिद्ध रागी, कथावाचक और धर्म प्रचारकों ने गुरबाणी की अमृतमयी वाणी से संगत को निहाल किया।
पंजाब से पधारे विख्यात कथावाचक बाबा अमरजीत सिंह (गालिब खुर्द वाले) ने कथा-कीर्तन करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं जाति, ऊंच-नीच या संप्रदाय के भेदभाव से परे हैं। गुरबाणी ही वह एकमात्र साधन है जो कलयुग में समाज में समानता, भाईचारा और सच्चाई का संदेश देता है। उन्होंने संगत से आग्रह किया कि गुरबाणी को जीवन में उतारकर ही सच्चा सुख और सम्मान प्राप्त किया जा सकता है।
यूके से आए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक भाई त्रिलोक सिंह ने कहा कि आज के दौर में जब चारों तरफ अशांति है, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शरण में आने से ही मनुष्य को सच्ची शांति और सही मार्ग मिलता है। गुरबाणी पर चलने वाला व्यक्ति हर कठिनाई से पार पा सकता है। प्रसिद्ध रागी भाई जगजीत सिंह ने सुरीले रागों में कीर्तन कर पूरी संगत को गुरबाणी से जोड़ा।
मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने सभी आने वाले जत्थों और दूर-दराज से पहुंची संगत का हार्दिक स्वागत किया और लंगर-प्रसाद की व्यवस्था में कोई कमी न रहे, इसका पूरा ध्यान रखा।
इस अवसर पर भाई अनमोल सिंह, हरपाल सिंह, जगमोहन सिंह, अमरीक सिंह, तरसेम सिंह, मनप्रीत सिंह, सतनाम सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। समागम अभी कई दिन और चलेगा।
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