राम मंदिर ध्वजारोहण: इकबाल अंसारी बोले- आज गौरव का दिन है, अयोध्या में आनंद की लहर दौड़ रही।
अयोध्या की पावन धरती पर आज विवाह पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान राम और माता सीता
अयोध्या की पावन धरती पर आज विवाह पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान राम और माता सीता के विवाह की स्मृति ताजा हो रही है। इसी शुभ मुहूर्त पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने का प्रतीक बने ध्वजारोहण समारोह आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह नौ बजकर तीस मिनट पर अयोध्या पहुंचकर भव्य रोड शो किया। शहर के मुख्य मार्गों पर भक्तों ने फूलों की वर्षा की और भजन गाए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी इस समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि आज गौरव का दिन है। अयोध्या में आनंद की लहर दौड़ रही है। लोग पूरे देश और दुनिया से इकट्ठा होकर उत्सव मना रहे हैं। अंसारी ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है। यहां सभी धर्मों के देवी-देवता विराजमान हैं। संत-महात्मा इस धरती को पवित्र बनाते हैं। राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और प्रधानमंत्री के हाथों ध्वजारोहण हो रहा है। यह खुशी का अवसर है।
मंदिर परिसर में पहुंचते ही प्रधानमंत्री ने सबसे पहले सप्त मंदिर का दर्शन किया। यहां महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी के छोटे मंदिर हैं। ये रामायण की कथाओं से जुड़े हैं। वशिष्ठ राम के कुलगुरु थे। विश्वामित्र ने शिक्षा दी। अगस्त्य ने लंका मार्ग प्रशस्त किया। वाल्मीकि ने रामकथा लिखी। अहल्या को राम ने मुक्ति दी। गुहा ने नाव से पार कराया। शबरी ने भक्ति से बेर चखाए। इन दर्शनों से प्रधानमंत्री भावुक दिखे। फिर शेषावतार मंदिर गए। यहां विष्णु के अवतारों की पूजा की। सवा दस बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। अन्नपूर्णा समृद्धि की देवी हैं। उसके बाद राम दरबार गर्भगृह में पूजन किया। यहां राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता और हनुमान की मूर्तियां हैं। राम लला के गर्भगृह में बाल रूप के दर्शन किए। पूरे परिसर में मंत्रोच्चार गूंजा।
दोपहर बारह बजे अभिजीत मुहूर्त में मुख्य समारोह हुआ। प्रधानमंत्री ने 191 फीट ऊंचे शिखर पर भगवा ध्वजा फहराई। यह ध्वजा 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी है। इसमें सूर्य चिन्ह, ओम और कोविदार वृक्ष की आकृति है। ध्वजा 161 फीट ऊंचे दंड पर लगी, जिसमें 21 किलो सोना जड़ा है। वैदिक रीति से ध्वजारोहण मंदिर को सक्रिय करता है। भक्तों का विश्वास है कि ध्वजा दर्शन से सभी देवताओं का पुण्य मिलता है। समारोह में शंख, घंट और वेदपाठ हुआ। आसपास दीप जलाए गए और आतिशबाजी हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज का पुनर्स्थापन है। 500 वर्षों के संघर्ष और लाखों बलिदानों का फल है।
विवाह पंचमी त्रेता युग के राम-सीता विवाह की स्मृति है। जनकपुर में भी उत्सव हुआ। आज ही सिख गुरु तेग बहादुर का शहादत दिवस है। उन्होंने अयोध्या में 48 घंटे ध्यान किया था। सिख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह हिंदू-सिख एकता दिखाता है। मंदिर परिसर 2.7 एकड़ में है। 14 अतिरिक्त मंदिर बने हैं। निर्माण जनवरी 2024 की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरा हुआ। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने कहा कि नींव 15 फीट गहरी और भूकंपरोधी है। पत्थर बांसवाड़ा से, मूर्तियां मकराना संगमरमर से बनीं। अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह सांस्कृतिक उत्थान है।
7500 अतिथि आमंत्रित थे। मोहन भागवत, योगी के अलावा अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर, राम चरण आए। 3000 स्थानीय और 3000 पूर्वी यूपी से। वनवासी संतों को स्थान मिला। ट्रस्ट ने 1800 कमरों का ठहराव किया। 100 टन फूल सजाए गए। लेजर शो और रोशनी से अयोध्या चमकी। सुरक्षा में 10,000 पुलिस, अर्धसैनिक, एनएसजी और स्नाइपर लगे। पांच स्तर की व्यवस्था। एंटी ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी। नेपाल सीमा पर सतर्कता। ट्रैफिक डायवर्जन हुआ। मंदिर दोपहर दो बजकर तीस मिनट बंद रहा। शाम को दर्शन शुरू।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि राम भारत की आत्मा हैं। यह सौभाग्य का क्षण है। योगी ने कहा कि अयोध्या स्मार्ट शहर बनेगी। सौर ऊर्जा और पर्यटन से वैश्विक पहचान। दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण। लाखों भक्त जुड़े। यह 2019 सुप्रीम कोर्ट फैसले का फल है। 3000 करोड़ दान, आधे खर्च। मंदिर पर्यटन केंद्र बनेगा। अयोध्या धाम जंक्शन चमत्कार है।
इकबाल अंसारी का बयान विशेष महत्वपूर्ण है। उनके पिता हाशिम अंसारी विवाद के पक्षकार थे। इकबाल ने हमेशा शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या सभी धर्मों की है। मंदिर निर्माण से विवाद समाप्त हुआ। बीजेपी ने इसे पूरा किया। हाल ही में टीएमसी विधायक के बाबरी बयान पर उन्होंने निंदा की। कहा कि धर्म स्थलों को राजनीति से दूर रखें। मुस्लिम समुदाय सुप्रीम कोर्ट फैसले का सम्मान करता है। मस्जिद के लिए जमीन मिली। इकबाल की भागीदारी एकता का प्रतीक है।
समारोह से अयोध्या में नई ऊर्जा आई। व्यापारियों में उत्साह। होटल और दुकानें भरीं। भंडारे चले। संतों ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा की। एक संत ने कहा कि राम राज्य शुरू हो गया। वास्तुकला प्राचीन शिल्प की मिसाल। यह एकता का संदेश है। विभिन्न धर्म एक मंच पर। सिख स्मृति से बंधन मजबूत। विवाह पंचमी पर सामूहिक विवाह हुए। भविष्य में सभागार आयोजनों के लिए।
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