मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बनाया नया रिकॉर्ड: 21 नवंबर को 1036 उड़ानें, 1.70 लाख यात्रियों का आवागमन।
देशभर में त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यात्रा की मांग तेज हो गई है। लोग घर लौटने, रिश्तेदारों से मिलने और घूमने के लिए हवाई जहाजों का सहारा
देशभर में त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यात्रा की मांग तेज हो गई है। लोग घर लौटने, रिश्तेदारों से मिलने और घूमने के लिए हवाई जहाजों का सहारा ले रहे हैं। इसी बढ़ती मांग के बीच मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीएसएमआईए) ने एक नया परिचालन रिकॉर्ड कायम किया। 21 नवंबर 2025 को हवाई अड्डे ने 24 घंटे में कुल 1036 एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स (एटीएम) दर्ज किए। यह आंकड़ा 11 नवंबर 2023 को बनाए गए पिछले रिकॉर्ड 1032 एटीएम को पार कर गया। उसी दिन कुल 1,70,488 यात्रियों ने हवाई अड्डे से आवागमन किया। इसमें 1,21,527 घरेलू और 48,961 अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल थे। यह संख्या 11 जनवरी 2025 को दर्ज किए गए सर्वाधिक 1,70,516 यात्रियों के रिकॉर्ड के बहुत करीब है। हवाई अड्डे पर 86,443 यात्रियों का आगमन हुआ जबकि 84,045 यात्रियों ने प्रस्थान किया। यह उपलब्धि न केवल हवाई अड्डे की क्षमता को दर्शाती है बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती विमानन अर्थव्यवस्था का भी प्रमाण है।
यह रिकॉर्ड त्योहारों के मौसम में यात्रा के उत्साह को दिखाता है। दिवाली, छठ पूजा और अन्य उत्सवों के बाद लोग छुट्टियों का आनंद लेने निकले हैं। सर्दियों की शुरुआत में भी पर्यटन बढ़ गया है। सीएसएमआईए, जो दुनिया का सबसे व्यस्त एकल रनवे वाला हवाई अड्डा है, ने इस चुनौती को बखूबी संभाला। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने 755 घरेलू उड़ानों और 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया। कुल 520 आगमन और 516 प्रस्थान वाली उड़ानें सुचारू रूप से चलीं। हर 100 सेकंड में एक विमान का मूवमेंट हुआ। यह आंकड़ा हवाई अड्डे की दक्षता को प्रमाणित करता है। हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने कहा कि यह उपलब्धि एयरलाइंस, एटीसी टीम और ग्राउंड स्टाफ की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। वे उच्च ट्रैफिक वाले दिनों में भी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
घरेलू उड़ानों में सबसे ज्यादा यात्रा दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद और कोलकाता मार्गों पर हुई। ये शहर आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं। लोग व्यापार, नौकरी या परिवार से मिलने के लिए इन रूटों पर सफर कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, मुंबई-दिल्ली सेक्टर पर हजारों यात्री थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई, अबू धाबी, लंदन हीथ्रो, दोहा और जेद्दा जैसे गंतव्य लोकप्रिय रहे। ये मार्ग प्रवासी भारतीयों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले श्रमिक और व्यापारी छुट्टियों में घर लौटे। यूरोप के शहरों में छुट्टियां मनाने वाले भी बढ़े। कुल मिलाकर, यात्रियों की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हवाई अड्डे ने बताया कि सर्दियों की मांग ने यह आंकड़ा बढ़ाया।
सीएसएमआईए की सफलता के पीछे डिजिटल और तकनीकी सुधार मुख्य हैं। हवाई अड्डे ने सेल्फ बैगेज ड्रॉप यूनिट्स बढ़ाई हैं। अब यात्री खुद ही बैग चेक इन कर सकते हैं। सेल्फ चेक-इन कियोस्क भी अधिक हो गए। डिजी यात्री और एफटीआई-टीटीपी का उपयोग बढ़ा है। इससे चेक-इन प्रक्रिया तेज हो गई। यात्रियों को कम समय लगता है। सुरक्षा जांच में भी एआई आधारित स्कैनर लगे हैं। इससे कतारें कम हुईं। हवाई अड्डे के दो टर्मिनल्स- टी1 घरेलू और टी2 अंतरराष्ट्रीय- ने अच्छा प्रदर्शन किया। टी1 में 15 मिलियन यात्रियों की क्षमता है जबकि टी2 में 40 मिलियन। कुल क्षमता 55 मिलियन प्रति वर्ष है। 2025 में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) ने क्षमता 65 मिलियन तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। टी1 का पुनर्निर्माण 20 मिलियन क्षमता वाला होगा। यह परियोजना 2500 करोड़ रुपये की है और 2028 तक पूरी होगी।
यह रिकॉर्ड वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। सीएसएमआईए दुनिया का सबसे व्यस्त एकल रनवे हवाई अड्डा है। लंदन गेटविक जैसे हवाई अड्डे दो रनवे वाले हैं। मुंबई में क्रॉस रनवे कॉन्फिगरेशन है, जो जटिल है। फिर भी, यह 1036 मूवमेंट्स संभाल लिया। गेटविक का दैनिक औसत 780-800 है। दिल्ली हवाई अड्डा 1300 मूवमेंट्स करता है लेकिन दो रनवे हैं। सीएसएमआईए का यह रिकॉर्ड भारतीय विमानन को मजबूत बनाता है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार है। 2025 में 150 मिलियन से ज्यादा यात्री होने की उम्मीद है। त्योहारों ने इसकी शुरुआत कर दी।
हवाई अड्डे ने यात्रियों की सुविधा पर जोर दिया। रिटेल आउटलेट्स और डाइनिंग विकल्प बढ़े। लाउंज, कॉन्फ्रेंस हॉल और कैफे उपलब्ध हैं। परिवहन के लिए मेट्रो लाइन 7ए का काम चल रहा है। यह टी2 से जुड़ेगी। टनलिंग जुलाई 2025 में पूरी हुई। जनरल एविएशन के लिए भी सुविधाएं हैं। चार्टर विमान अभी भी आ सकते हैं। लेकिन नवीनतम नवि मुंबई हवाई अड्डे के खुलने पर वे शिफ्ट होंगे। 2025 के अंत तक अधिकांश जेट्स वहां जाएंगे।
What's Your Reaction?











