Lucknow: उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर, मंत्री आशीष पटेल ने की विभागीय समीक्षा।
प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को विधानसभा मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विधिक
- विधिक माप विज्ञान विभाग की बैठक में व्यवस्था को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश
- बाट-माप सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश, ऑनलाइन सेवाओं पर जोर
- पेट्रोल पंप, सीएनजी-एलपीजी यंत्रों के समयबद्ध सत्यापन के निर्देश
- उपभोक्ताओं को सही मात्रा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री आशीष पटेल
लखनऊ: प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को विधानसभा मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विधिक माप विज्ञान एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक कर विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं, सत्यापन व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाओं तथा उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल तथा समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा तथा व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रमुख उद्देश्य व्यावसायिक उपयोग में आने वाले बाट-माप का सत्यापन, पैकेज बंद वस्तुओं की जांच तथा अमानक बाट-माप और पैकेज बंद वस्तुओं के प्रचलन को रोकना है, जिससे उपभोक्ताओं को सही मात्रा और गुणवत्ता की वस्तुएं प्राप्त हो सकें।
मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन और पुनःसत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया जाए। इसके अंतर्गत पेट्रोल-डीजल पंप, सीएनजी/एलपीजी वितरक यंत्र, फ्लोमीटर, ऑटो-टैक्सी किराया मीटर तथा अन्य तौल यंत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में शुल्क जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से नकद भुगतान की परंपरा समाप्त हुई है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन कार्य से जुड़े उपगत व्यय में एकरूपता लाई जाए, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को सुविधा मिल सके।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा शुद्ध मात्रा की जांच के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया गया है तथा मोबाइल वेब्रिज परीक्षण वैन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कार्य भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ई-तुला अधिकारी मोबाइल एप, टैंकलॉरी के ऑनलाइन सत्यापन तथा क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। विभाग द्वारा ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से बाट-माप विनिर्माता, विक्रेता और मरम्मतकर्ता के लाइसेंस निर्गमन व स्वतः नवीनीकरण तथा पैकेज वस्तुओं के निर्माता और पैकर के नाम व पते के पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
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