ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए कैमरे में कैद हुए रियान पराग, BCCI ने मैच फीस का 25% हिस्सा काटा।
इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए मैदान के बाहर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। टीम के
- IPL 2026 में अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर लगा भारी जुर्माना
- खेल की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान को जुर्माने के साथ मिला डिमेरिट पॉइंट
इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए मैदान के बाहर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। टीम के नवनियुक्त कप्तान और स्टार ऑलराउंडर रियान पराग पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोक दिया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब पंजाब किंग्स के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले गए मुकाबले के दौरान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में 'वेपिंग' यानी ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान कैमरे की नजर उन पर पड़ी और यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। बीसीसीआई ने इसे खेल की नियमावली और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना है, जिसके कारण युवा कप्तान को न केवल वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है, बल्कि उनके रिकॉर्ड में एक नकारात्मक बिंदु भी जुड़ गया है। नियमों की बात करें तो रियान पराग को आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 के तहत दोषी पाया गया है। यह अनुच्छेद विशेष रूप से उन व्यवहारों से संबंधित है जो खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाते हैं या खेल को बदनाम करते हैं। मैच रेफरी अमित शर्मा ने इस मामले की गहनता से समीक्षा की और पाया कि सार्वजनिक रूप से और विशेष रूप से ड्रेसिंग रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर ई-सिगरेट का उपयोग करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। रियान पराग ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है और मैच रेफरी द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को बिना किसी औपचारिक सुनवाई के मान लिया है। इस जुर्माने के साथ-साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है, जो भविष्य में उनके लिए किसी बड़े प्रतिबंध का आधार बन सकता है।
ई-सिगरेट को लेकर विवाद इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि भारत सरकार ने साल 2019 से ही देश में ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और एक बड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजी के कप्तान द्वारा इस तरह की प्रतिबंधित वस्तु का उपयोग करना कानूनी और नैतिक दोनों ही पैमानों पर गलत माना जा रहा है। लाइव टीवी पर करोड़ों दर्शकों के सामने इस तरह का व्यवहार न केवल युवा प्रशंसकों को गलत संदेश देता है, बल्कि यह खेल के मैदान पर लागू होने वाले कड़े स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का भी मखौल उड़ाता है। यही कारण है कि बीसीसीआई ने इस मामले में काफी त्वरित और सख्त फैसला सुनाया है ताकि अन्य खिलाड़ियों के लिए एक नजीर पेश की जा सके।
राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में रियान पराग पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें टीम की कमान सौंपी है। हालांकि, टीम का प्रदर्शन अब तक मैदान पर काफी संतुलित रहा है, लेकिन कप्तान का यह विवाद फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू और टीम के भीतर के अनुशासन पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। मैदान पर रियान पराग के प्रदर्शन की बात करें तो यह सीजन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। जहाँ एक तरफ उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स प्लेऑफ की दौड़ में काफी मजबूती से आगे बढ़ रही है, वहीं पराग के बल्ले से उस तरह की निरंतरता नहीं दिख रही है जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। इस बीच, ड्रेसिंग रूम के इस कांड ने उनकी मानसिक एकाग्रता और खेल के प्रति गंभीरता पर बहस छेड़ दी है। अंपायरों तन्मय श्रीवास्तव और नितिन मेनन ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह पुख्ता हो गया कि पराग ड्रेसिंग रूम में अन्य खिलाड़ियों की मौजूदगी में वेपिंग कर रहे थे। उस समय उनके पास यशस्वी जायसवाल जैसे अन्य युवा खिलाड़ी भी खड़े थे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
इस घटना के बाद राजस्थान रॉयल्स के खेमे में भी खलबली मची हुई है। टीम के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे टीम के लिए एक नकारात्मक पक्ष बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फ्रेंचाइजी के अपने मूल्य और संस्कृति हैं और प्रत्येक खिलाड़ी, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे इन सीमाओं का सम्मान करना चाहिए। कोच के अनुसार, खिलाड़ियों को बार-बार यह याद दिलाया जाता है कि वे न केवल खुद का, बल्कि एक पूरी फ्रेंचाइजी और उसके लाखों समर्थकों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अनुशासन में इस तरह की चूक पूरी टीम की मेहनत और छवि पर पानी फेर सकती है। फ्रेंचाइजी स्तर पर भी अब खिलाड़ियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की योजना बनाई जा रही है। बीसीसीआई केवल जुर्माने तक ही सीमित रहने के मूड में नहीं दिख रहा है। बोर्ड के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या टीम प्रबंधन या अधिकारियों की ओर से भी इस मामले में कोई ढिलाई बरती गई थी। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आईपीएल की गरिमा हर हाल में बरकरार रहे। यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान रॉयल्स का कोई सदस्य अनुशासनहीनता के घेरे में आया है, इससे पहले भी टीम के मैनेजर पर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए जुर्माना लग चुका है। ऐसे में बोर्ड अब फ्रेंचाइजी पर और भी कड़ी कार्रवाई करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी नियमों की अनदेखी करने का दुस्साहस न करे।
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