अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: जमीं से आसमां तक का मुश्किल सफ़र, पढ़िए नित्या मिश्रा की सक्सेस स्टोरी
जिन्होंने जमीन पर रहकर आसमान में उड़ने का लक्ष्य धरा और उसे साकार कर दिखाया। हालांकि पहले उन्होंने इंडियन एयरफोर्स में दो बार एग्जाम दिए लेकिन वे सफल नहीं....
Reported By: Vijay Laxmi Singh(Editor-In-Chief)
Edited By: Saurabh Singh
International Women's Day.
हमारे शास्त्रों में कहा गया है - यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवताः ।
यानी कि जहां नारियों का सम्मान होता वहीं सभी देवता विराजते हैं। आज महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं। हर क्षेत्र में वह मिसाल कायम कर रही हैं। नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है।महिलाओं के उत्थान और सुरक्षा के लिए हर नारी को जागरूक करना आवश्यक है। जिस तरह से परिवार की गाड़ी दोनों पहियों के बल पर ही आगे बढ़ती है, उसी तरह से देश व दुनिया का रथ भी नर- नारी, दोनों के सहयोग से ही खिंच सकेगा। यह मां-बाप, भाई-बहन, पति-पत्नी किसी भी रूप में हो सकते हैं।
जब दुनिया समावेशी विकास के पथ पर आगे बढ़ेगी, तभी महिला दिवस मनाने की सार्थकता भी है। वैचारिक रूप से हम भले ही बराबरी की तमाम बातें कर लें लेकिन जब तक व्यावहारिक रूप से महिला और पुरुषों में समानता नहीं आएगी, जब हम दोनों को बराबरी का दर्जा देकर उनके सपनों को पूरा करने में जी जान से जुट जाएंगे। नतीजन हम इस तरह से एक विकसित, सभ्य, सुसंगठित समाज और देश की स्थापना भी कर पाएंगे।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति उद्गार की इसी कड़ी में हम आपको इस बार बताने जा रहे हैं एक ऐसी सफल महिला के बारे में, जिन्होंने जमीन से उठकर आसमां को अपना लक्ष्य बनाया और उसे पाने की चाहत में कड़ी मेहनत कर खुद को उस जगह पर पहुंचाया, जहां पर जाना लगभग हर किसी का सपना होता है। बात कर रहे हैं Indigo Airlines में केबिन क्रू पद पर काबिज होकर अपनी सेवाएं देने वाली नित्या मिश्रा (Nitya Mishra) की। जिन्होंने जमीन पर रहकर आसमान में उड़ने का लक्ष्य धरा और उसे साकार कर दिखाया।
हालांकि पहले उन्होंने इंडियन एयरफोर्स में दो बार एग्जाम दिए लेकिन वे सफल नहीं हो पाई। पर हार न मानने वाली नित्या मिश्रा (Nitya Mishra) ने देहरादून जाकर दूसरी नौकरी कर ली और साथ ही अपने लक्ष्य को पाने की जुगत में भी लगी रहीं। इस बीच Indigo Airlines में उन्होंने इंटरव्यू दिया और उनका सिलेक्शन हो गया। उनकी शुरुआती शिक्षा सेंट जेवियर्स से हुई थी। अपने पिता विकास मिश्रा और मां आरती मिश्रा की आंखों का तारा बनकर उभरीं नित्या मिश्रा (Nitya Mishra) ने सफलता की नई इबारत को लिख दिया।
What's Your Reaction?











