अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: पूरे देश के टॉप 100 चिकित्सकों में शामिल डॉ. अर्पिता सिंह ने लिखी सफलता की नई कहानी
वर्तमान में डॉ. अर्पिता सिंह (Dr. Arpita Singh) (मनीपाल) कर्नाटक के कस्तूरबा मेडीकल कॉलेज में एमडी की तृतीय वर्ष की स्टूडेंट हैं। यहां वे चिकित्सा एवं अनुसंधान क्षेत्र में कार्यरत...
Reported By: Vijay Laxmi Singh(Editor-In-Chief)
Edited By: Saurabh Singh
International Women's Day.
मुस्कुराकर, दर्द भूलकर, रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी, हर पग को रोशन करने वाली वो शक्ति ही नारी !
घर की जिम्मेदारियाँ ही उनका एकमात्र कार्यक्षेत्र है। लेकिन समय के साथ समाज में कई बदलाव आए हैं। इसके अलावा, यह पीढ़ी महिलाओं पर बहुत भरोसा करती है और उन्हें बहुत ज़िम्मेदार मानती है। अब महिलाओं को काम पर समान अवसर दिए जाते हैं और उन्हें कई क्षेत्रों में पुरुषों के बीच और कभी-कभी उनसे आगे रहने की अनुमति दी जाती है। आज महिलाओं ने अपनी ताकत और क्षमताओं को पहचानना शुरू कर दिया है और वे अपने घर से बाहर निकलकर अपने घर और पूरे समाज की सफलता में योगदान देने के लिए तैयार हैं। वे हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं और सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं, जिससे साबित होता है कि वे क्या करने में सक्षम हैं।
महिलाओं की भागीदारी समुदायों, कंपनियों और देशों को ऊपर उठाने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं की भागीदारी शांति समझौतों को अधिक मजबूत, समाजों को अधिक मजबूत तथा अर्थव्यवस्थाओं को अधिक गतिशील बनाती है। आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जिले की एक ऐसी ही महिला शख्सियत से, जिन्होंने आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद में पूरे देश में टॉप 100 चिकित्सकों में से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और देश के सफल पटल पर अपनी अप्रतिम छाप छोड़ी। हम बात कर रहे हैं हरदोई जिले के गांव महरी के पूर्व प्रधान संजीव सिंह कुशवाहा और गीता सिंह की बेटी डॉ. अर्पिता सिंह (Dr. Arpita Singh) की।
जिन्होंने मेडिकल स्ट्रीम से पढ़ाई के एवज में मेयो मेडिकल कॉलेज में MBBS का दाखिला लिया। इससे पहले उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा सेंट जेम्स और कारमान आवासीय स्कूल देहरादून से पूर्ण की। वर्तमान में डॉ. अर्पिता सिंह (Dr. Arpita Singh) (मनीपाल) कर्नाटक के कस्तूरबा मेडीकल कॉलेज में एमडी की तृतीय वर्ष की स्टूडेंट हैं। यहां वे चिकित्सा एवं अनुसंधान क्षेत्र में कार्यरत हैं।
देश के सफलतम चिकित्सकों में अपनी अलग पहचान बनाकर जिले का नाम रोशन करने वाली डॉ. अर्पिता सिंह (Dr. Arpita Singh) अपनी मेहनत और सफलता के बल पर आज उस मुकाम पर खड़ी हैं। जहां उनकी ऊंचाई से देश के कई बेटियां प्रेरणा ले रही हैं। हमें यह स्वीकार करना होगा कि घर और समाज की बेहतरी में महिला और पुरुष दोनों ही समान रूप से योगदान देते हैं। महिलाएँ ही जीवन को आकार देती हैं। और हर महिला असाधारण है, चाहे वह घर हो या दफ़्तर, जहाँ भी काम करती हो।
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