बॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से दुनिया को अलविदा, संजीव कुमार के निधन के 40 वर्ष बाद उसी तारीख पर

बॉलीवुड और संगीत जगत को एक बड़ा झटका लग गया है। दिग्गज गायिका और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित 6 नवंबर 2025 को मुंबई के नानावती अस्पताल में कार्डियक

Nov 7, 2025 - 16:10
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बॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से दुनिया को अलविदा, संजीव कुमार के निधन के 40 वर्ष बाद उसी तारीख पर
बॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से दुनिया को अलविदा, संजीव कुमार के निधन के 40 वर्ष बाद उसी तारीख पर

बॉलीवुड और संगीत जगत को एक बड़ा झटका लग गया है। दिग्गज गायिका और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित 6 नवंबर 2025 को मुंबई के नानावती अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। उनके भाई और संगीतकार ललित पंडित ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। ललित ने मिड-डे को बताया कि शाम करीब 7 बजे सुलक्षणा को सांस लेने में तकलीफ हुई। परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार 7 नवंबर को दोपहर 12 बजे होगा। सुलक्षणा का निधन संजीव कुमार के निधन की 40वीं पुण्यतिथि पर हुआ, जो उसी 6 नवंबर 1985 को हुआ था। संजीव कुमार के साथ सुलक्षणा का एकतरफा प्रेम प्रसिद्ध था, जिसकी वजह से उन्होंने कभी शादी नहीं की। यह संयोग उनके प्रशंसकों को और दुखी कर रहा है। सुलक्षणा का जाना हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर का एक अध्याय समाप्त होने जैसा है।

सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक संगीतमय परिवार में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से हरियाणा के हिसार का था। वह प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की भतीजी थीं। उनके भाई जतिन-ललित संगीतकार जोड़ी के रूप में मशहूर हैं, जबकि बहन विजयता पंडित अभिनेत्री। सुलक्षणा ने मात्र नौ वर्ष की उम्र से ही गायकी शुरू कर दी थी। संगीत उनके परिवार की रगों में बस्ता था, इसलिए बचपन से ही उन्होंने उस्ताद गुलाम अली खान और पंडित जसराज जैसे दिग्गजों से प्रशिक्षण लिया। सुलक्षणा की आवाज में एक मधुरता थी, जो श्रोताओं को सीधे दिल को छू जाती थी। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती और उड़िया भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी पहली फिल्म 1967 में आई 'गुंडा', जिसमें वह बच्ची की भूमिका में गाया। लेकिन असली पहचान 1970 के दशक में मिली।

सुलक्षणा ने करीब 400 से ज्यादा फिल्मों में प्लेबैक गायकी की। उनके गीतों में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, शैलेंद्र सिंह, येसुदास, महेंद्र कपूर और उदित नारायण जैसे दिग्गजों के साथ ड्यूएट शामिल हैं। कुछ यादगार गाने हैं – 'तू ही सागर तू ही किनारा' ('सागर' 1985), 'परदेसिया तेरे देश में' ('मृगया' 1976), 'बेकरार दिल तूट गया' ('सौतन की बेटी' 1989), 'बांधी रे कहे प्रीत' ('लवली' 1980), 'सात समंदर पार' ('दुश्मन' 1972), 'सोमवार को हम मिले' ('दुश्मन')। सुलक्षणा की आवाज में एक उदासी और गहराई थी, जो प्रेम गीतों को और भावुक बना देती थी। संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने उन्हें कई मौके दिए। राजेश रोशन के साथ 'नसीब' (1981) में 'आप की आंखों में कुछ है' गीत ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। सुलक्षणा ने कभी सुपरस्टार गायिका बनने का दावा नहीं किया, लेकिन उनकी आवाज ने कई फिल्मों को अमर कर दिया।

अभिनय के क्षेत्र में सुलक्षणा ने 1975 में 'उलझन' से डेब्यू किया, जिसमें उनके नायक संजीव कुमार थे। यह फिल्म उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बनी। सुलक्षणा संजीव कुमार के प्रेम में पड़ गईं। संजीव पहले हेमा मालिनी से प्यार करते थे, लेकिन हेमा ने धर्मेंद्र से शादी कर ली। फिर सुलक्षणा ने संजीव को प्रपोज किया, लेकिन संजीव ने मना कर दिया। संजीव कुमार ने कहा कि वह शादी के लिए तैयार नहीं हैं। इस अस्वीकृति ने सुलक्षणा को तोड़ दिया। उन्होंने कभी शादी नहीं की और संजीव की मौत के बाद 1985 में फिल्म इंडस्ट्री से दूर हो गईं। संजीव की मौत 6 नवंबर 1985 को हार्ट अटैक से हुई थी। सुलक्षणा ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'संजीव जी मेरी जिंदगी का हिस्सा थे। उनकी मौत ने मुझे अंदर से खोखला कर दिया।' सुलक्षणा ने करीब 30 फिल्मों में काम किया। प्रमुख फिल्में हैं – 'अपनापन' (1977), 'खानदान' (1979), 'हेरा फेरी' (1976), 'वक्त की दीवार' (1981), 'सौतन' (1983)। उन्होंने जीतेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के साथ काम किया। 1978 में बंगाली फिल्म 'बांदी' में उतम कुमार के साथ नजर आईं। उनकी अभिनय शैली सरल और भावुक थी।

सुलक्षणा का परिवार संगीत का खजाना रहा है। पिता अमरनाथ हुसैन पंडित एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। चाची सरस्वती पंडित भी गायिका थीं। सुलक्षणा ने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाया। भाई ललित ने कहा, 'दीदी की आवाज में जादू था। वह हमेशा संगीत में डूबी रहतीं।' बहन विजयता पंडित ने बताया कि सुलक्षणा को उनकी बहन संध्या की हत्या की खबर भी नहीं पता थी, क्योंकि वह बीमार थीं। सुलक्षणा ने आखिरी सालों में संगीत से दूरी बनाई, लेकिन कभी-कभी प्राइवेट कन्सर्ट्स में गाती रहीं। वह मुंबई के जुहू में रहती थीं। हाल ही में उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। ललित ने कहा, 'वह थकी हुई लग रही थीं। हमने सोचा अस्पताल ले चलें, लेकिन ऐसा हो गया।'

सुलक्षणा के निधन पर बॉलीवुड के दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया। लता मंगेशकर की बेटी हृदयानंद ने कहा, 'सुलक्षणा की आवाज अनमोल थी। उनके गीत आज भी जीवित हैं।' सोनू निगम ने ट्वीट किया, 'दीदी के बिना संगीत अधूरा लगेगा।' अनुपमा देशपांडे ने लिखा, 'उनकी आवाज ने मुझे प्रेरित किया।' शत्रुघ्न सिन्हा ने याद किया, 'सुलक्षणा मेरी फिल्मों की जान थीं।' संगीतकार बप्पी लहरी के बेटे बाप्सी ने कहा, 'उनके ड्यूएट्स यादगार हैं।' सोशल मीडिया पर प्रशंसक मीम्स और पुराने गाने शेयर कर रहे हैं। #RIPSulakshanaPandit ट्रेंड कर रहा है। कई यूजर्स ने संजीव कुमार के साथ उनकी जोड़ी की यादें ताजा कीं। एक यूजर ने लिखा, 'सुलक्षणा दीदी की जिंदगी एक दुखांत फिल्म जैसी थी।'

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