TMC का मुस्लिम वोट बैंक होगा खत्म? हुमायूं कबीर की ममता बनर्जी को खुली चुनौती, 22 दिसंबर को नई पार्टी लॉन्च और AIMIM से गठबंधन का ऐलान किया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ा संदेश दिया है कि
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ा संदेश दिया है कि TMC का मुस्लिम वोट बैंक खत्म हो चुका है और 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी। यह बयान 7 दिसंबर 2025 को मुरशिदाबाद के बेल्डंगा में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद के शिलान्यास के ठीक बाद आया, जहां कबीर ने कहा कि उनकी नई पार्टी 22 दिसंबर को लॉन्च होगी और यह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन करेगी। कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी 294 विधानसभा सीटों में से 135 पर उम्मीदवार उतारेगी, जिसमें 90 मुस्लिम बहुल सीटें शामिल होंगी, और इससे TMC का वोट बैंक बिखर जाएगा। उन्होंने कहा कि TMC ने मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन अब इसका अंत हो चुका है। हुमायूं कबीर का राजनीतिक सफर कई मोड़ों से गुजरा है। वे मूल रूप से कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन 2011 में TMC में शामिल हो गए। 2015 में TMC ने उन्हें छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया था, जिसके बाद 2018 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। 2019 के लोकसभा चुनाव में वे मुरशिदाबाद से भाजपा के टिकट पर लड़े, लेकिन हार गए। उसके बाद 2021 में फिर TMC में वापसी की और भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक बने। कबीर ने TMC नेतृत्व पर मुस्लिम समुदाय की उपेक्षा का आरोप लगाया, जिसमें कहा कि पार्टी ने मंदिरों पर सैकड़ों करोड़ खर्च किए, लेकिन मस्जिद निर्माण का विरोध किया। हाल ही में उन्होंने बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने की योजना की घोषणा की, जो 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर थी।
TMC ने कबीर के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। 4 दिसंबर 2025 को पार्टी ने उन्हें एंटी-पार्टी एक्टिविटी के आरोप में निलंबित कर दिया। निलंबन की घोषणा मुरशिदाबाद के बहारामपुर में एक रैली के ठीक पहले हुई, जहां ममता बनर्जी ने कबीर को भाजपा का एजेंट और देशद्रोही बताया। ममता ने कहा कि मुरशिदाबाद के लोग सांप्रदायिक राजनीति का समर्थन नहीं करते। पार्टी के महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि कबीर का कदम TMC की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। TMC ने स्पष्ट किया कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर चलती है और कबीर का मस्जिद निर्माण का फैसला पार्टी के खिलाफ है। निलंबन के बाद कबीर ने कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि उनके क्षेत्र के लोग उन्हें रोक रहे हैं। शिलान्यास की योजना कबीर ने नवंबर 2025 के अंत में घोषित की थी। बेल्डंगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने का ऐलान अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में किया गया। पोस्टरों में 6 दिसंबर की तारीख बताई गई, जिसके बाद स्थानीय तनाव बढ़ गया। कुछ पोस्टर फाड़ दिए गए, और पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी। राजभवन ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था की चिंता जताई। मुरशिदाबाद प्रशासन ने शिलान्यास के लिए अनुमति नहीं दी थी, लेकिन कबीर ने इसे अंजाम दिया। 6 दिसंबर को शिलान्यास के दौरान कुरान पाठ हुआ, और स्थानीय ग्रामीणों ने ईंटें और निर्माण सामग्री दान में लाई। कबीर ने दावा किया कि हजारों लोग उपस्थित थे, जिसमें सऊदी अरब से दो मौलवी भी शामिल थे। नारे जैसे नारा-ए-तकबीर और अल्लाहु अकबर गूंजे।
शिलान्यास के बाद कबीर ने AIMIM गठबंधन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने उन्हें हैदराबाद बुलाया है और गठबंधन की बातचीत अंतिम चरण में है। कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी मुस्लिम समुदाय के लिए काम करेगी और TMC तथा भाजपा दोनों को सत्ता से दूर रखेगी। उन्होंने कहा कि ओवैसी को भी भाजपा का एजेंट कहा जाता है, लेकिन यह राजनीति का हिस्सा है। कबीर ने कहा कि अगर ओवैसी बंगाल में चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो उन्हें उनकी जरूरत पड़ेगी। उन्होंने लेफ्ट, कांग्रेस और ISF को भी गठबंधन के लिए आमंत्रित किया, ताकि केंद्र में भाजपा और राज्य में TMC के खिलाफ एकजुट हो सकें। कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य हंग असेंबली बनाना है, जहां वे किंगमेकर की भूमिका निभा सकें। AIMIM ने कबीर के गठबंधन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि कबीर भाजपा की कोर टीम के सदस्य हैं और सुवेंदु अधिकारी तथा अमित शाह से जुड़े हैं। AIMIM ने कहा कि गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। कबीर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वे प्रवक्ता को नहीं जानते, लेकिन ओवैसी के करीबी लोगों ने संपर्क किया है। AIMIM ने पहले भी 2021 के बंगाल चुनाव में सीमित स्तर पर कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2020 में AIMIM ने बंगाल में राज्य नेतृत्व बनाया था, लेकिन TMC ने इसे नाकाम कर दिया। ओवैसी ने ISF के साथ गठबंधन की कोशिश की थी, लेकिन वह भी विफल रही।
भाजपा ने कबीर के बयानों को TMC की साजिश बताया। पार्टी ने कहा कि कबीर को TMC का समर्थन प्राप्त है, अन्यथा वे इतना हंगामा नहीं कर पाते। भाजपा ने कबीर को अपना पूर्व सदस्य बताते हुए कहा कि वे सुवेंदु अधिकारी के करीबी हैं। कबीर ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि वे भाजपा को सत्ता में नहीं आने देंगे। भाजपा ने शिलान्यास को उकसावे का बताया और कहा कि यह मुरशिदाबाद में दंगे भड़का सकता था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कबीर के बयान पर कहा कि बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति बंद होनी चाहिए, वरना हिंदू-मुस्लिम के लिए अलग-अलग चाय की दुकानें खुल जाएंगी। उन्होंने ममता को मुस्लिमों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का जिम्मेदार ठहराया। कबीर ने अपनी नई पार्टी के लिए फरवरी 2026 में मुरशिदाबाद में एक बड़ा आयोजन की योजना बताई, जहां लाखों मुसलमान कुरान पाठ करेंगे। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के गीता पाठ से प्रेरित नहीं है। कबीर ने दावा किया कि पूरे भारत के उद्योगपति और मुस्लिम समुदाय से धनराशि मिलेगी, जो मस्जिद निर्माण में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि TMC का मुस्लिम वोट बैंक खत्म हो जाएगा और तस्वीर अभी बाकी है। कबीर ने कहा कि वे भाजपा के एजेंट नहीं हैं और उनका संघर्ष सच्चा है। मुरशिदाबाद जिला मुस्लिम बहुल है, जहां वोट बैंक राजनीति महत्वपूर्ण है। स्थानीय TMC कार्यकर्ताओं ने कहा कि कबीर का कदम प्रतीकवाद पर आधारित है।
शिलान्यास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पुलिस ने हाईवे पर निगरानी रखी। घटना शांतिपूर्ण रही, लेकिन कोलकाता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कबीर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। TMC ने शिलान्यास के दिन संहति दिवस मनाया, जो सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए था। कबीर ने कहा कि उनका संदेश सरल है- आग से मत खेलो। यह बयान प्रशासन के खिलाफ था। कबीर के बयान ने 2026 चुनावों को प्रभावित करने की क्षमता रखी है। TMC सत्ता में है, लेकिन विपक्षी दबाव बढ़ रहा है। कबीर का विद्रोह TMC के मुस्लिम वोट बैंक को चुनौती दे रहा है। भाजपा इसे ध्रुवीकरण का मौका मान रही है। कबीर ने कहा कि TMC और भाजपा दोनों धर्म का राजनीतिकरण कर रही हैं। उनकी नई पार्टी का नाम अभी तय नहीं है, लेकिन उद्देश्य स्पष्ट है- TMC और भाजपा को सत्ता से दूर रखना। शिलान्यास के बाद ग्रामीणों का समर्थन मिला। कबीर ने कहा कि मस्जिद निर्माण के लिए पर्याप्त धन होगा।
What's Your Reaction?











