Trending: Reel से हुयी पहलगाम हमले के 4 आतंकियों की पहचान, 5वें की पहचान में जुटीं टीमें, Viral Reel ने किए चौंकाने वाले खुलासे।
पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले (22 अप्रैल, 2025) की जांच में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसमें एक पर्यटक मॉडल एकता तिवारी (Ekta Tiwari) द्वारा ....
Trending News By INA.
पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले (22 अप्रैल, 2025) की जांच में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसमें एक पर्यटक मॉडल एकता तिवारी (Ekta Tiwari) द्वारा बनाए गए वीडियो और उनकी जानकारी ने आतंकियों की पहचान में मदद की। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) की बैसरन घाटी में हुआ, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। एकता तिवारी (Ekta Tiwari) की भूमिका एकता तिवारी (Ekta Tiwari), जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहलगाम (Pahalgam) घूमने गई थीं, ने खच्चरवालों की संदिग्ध हरकतों को नोटिस किया और उनका वीडियो बनाया। उनके अनुसार, ये खच्चरवाले आतंकियों के स्केच से मिलते-जुलते थे। एकता ने बताया कि 20 अप्रैल को जब वे पहलगाम (Pahalgam) पहुंचीं, तो खच्चरवालों ने उनके साथ बदसलूकी की और बार-बार उनके धर्म के बारे में सवाल पूछे। एक खच्चरवाले ने जूते में कीपैड वाला फोन छिपाया था, जिससे वह लगातार किसी के संपर्क में था। एकता ने इसकी जानकारी तुरंत सीएम हेल्पलाइन 1076 और अपने CISF में तैनात रिश्तेदार को दी।
इस वीडियो और जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियों ने आतंकियों की पहचान की दिशा में कदम बढ़ाया। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में शामिल पांच आतंकियों में से चार की पहचान कर ली है। इनमें से दो स्थानीय और दो पाकिस्तानी आतंकी हैं। स्थानीय आतंकियों के नाम हैं: आदिल अहमद ठाकुर (या आदिल हुसैन ठोकर): बिजबेहरा, अनंतनाग का निवासी, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा। आशिफ शेख: त्राल, मोंघामा का निवासी, जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित। पाकिस्तानी आतंकियों में शामिल हैं: हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान: लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी, पूर्व पाकिस्तानी सेना कमांडो। अली भाई उर्फ तल्हा: पाकिस्तानी नागरिक। पांचवें आतंकी की पहचान अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन जांच में तीसरे पाकिस्तानी आतंकी के रूप में आसिफ फौजी का नाम भी सामने आया है।
इन आतंकियों पर 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। हमले का विवरणहमले में आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से पर्यटकों को निशाना बनाया। उन्होंने पहले पर्यटकों से उनके नाम, धर्म और पहचान-पत्र मांगे, कुछ को कलमा पढ़ने को कहा, और पुरुषों की पैंट उतारकर खतना की जांच की। जिनकी हिंदू पहचान हुई, उन्हें करीब से गोली मार दी गई। जांच में पता चला कि आतंकियों ने सेना की नकली वर्दी पहनी थी और कुछ ने बॉडी कैमरा लगाकर हमले को रिकॉर्ड किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। NIA की टीम बैसरन घाटी में सबूत इकट्ठा कर रही है और फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, और CRPF ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अब तक दो आतंकी ढेर किए गए हैं, और तीन आतंकियों के घर (पुलवामा, शोपियां, और कुलगाम में) विस्फोट से उड़ा दिए गए हैं। जांच में पता चला कि 15 स्थानीय लोगों ने आतंकियों को हथियार और रसद पहुंचाने में मदद की। तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, और दो अन्य की तलाश जारी है। हमले के बाद देशभर में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर #PahalgamMassacre और #JusticeForVictims जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को बख्शने की चेतावनी दी और गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में सुरक्षा समीक्षा की। विपक्षी नेता राहुल गांधी और उमर अब्दुल्ला ने भी हमले की निंदा की। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने हमले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, जिसे जांच एजेंसियों ने खारिज किया। एकता तिवारी (Ekta Tiwari) के वीडियो और उनकी त्वरित सूचना ने पहलगाम (Pahalgam) हमले के आतंकियों की पहचान में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा एजेंसियां अब इन आतंकियों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। यह मामला न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है, बल्कि नागरिकों की सतर्कता की महत्ता को भी उजागर करता है।
नोट- यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित है। कुछ विवरणों की पुष्टि अभी भी जांच के अधीन है। INA पूर्ण रूप से किसी भी बिंदु की पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं करता।
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