Hardoi: फसल अवशेष को जलाने से नष्ट होती है मृदा की उर्वरा शक्ति
हरित अधिकरण द्वारा फसल अवषेष में आग लगाना दंडनीय अपराध घोषित है। गोष्ठी में सतीश चंद्र प्रावधिक सहायक द्वारा बताया गया कि फसल अवशेष मकहरा पुआल आदि को जलाना नहीं चाहिए इससे मृदा की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
Hardoi News INA.
आज प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्डयू योजना के अंतर्गत ग्राम भदेंचा में एक दिवसीय न्यायपंचायत स्तरीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। हरित अधिकरण द्वारा फसल अवषेष में आग लगाना दंडनीय अपराध घोषित है। गोष्ठी में सतीश चंद्र प्रावधिक सहायक द्वारा बताया गया कि फसल अवशेष मकहरा पुआल आदि को जलाना नहीं चाहिए इससे मृदा की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने पर मृदा में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है जल धारण की क्षमता बढ़ जाती है। गोष्ठी में कृषकों को बताया गया कि कोई भी फसल अवशेष में आग ना लगाएं। गोष्ठी में राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी प्रमोद कुमार विक्रम ने इन सीटू योजनांतर्गत कृषि यंत्रों व रबी के बीजों पर अनुदान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही बेस्ट डिकम्पोजर के प्रयोग से फसल अवशेष को सड़ाने गलाने के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर अशोक कुमार, रामचंद्र, कृष्ण गोपाल अवस्थी, सीताराम,नरेश चंद सियाराम, अजयवीर, बालकराम आशीष पांडेय मनोज कुमार आदि किसान उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?











