Prayagraj News: एनसीजेडसीसी के शिल्प मेला में लोकनृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुति, जमकर झूमे दर्शक
मध्य प्रदेश की भजन गायिका अंशिका एवं साथी कलाकारों ने 'राम जय राम सिया राम' सुनाया। इसके बाद उन्होंने 'एक बार जो रघुवर की नजरों का इशारा हो जाए, छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाईके, नैनों ने थारी कैसा जादू किया रे थारे बिना लागे नहीं म्हारा जिया आदि गाने सुरीले स्वर में पेश कर लोगों की जमकर ताली बटोरी।
Prayagraj News INA.
एनसीजेडसीसी मुक्ताकाश मंच पर कलाकारों ने लोकनृत्य और संगीत की ऐसी बेहतरीन प्रस्तुति दी कि दर्शक बार बार झूमते नजर आए। एनसीजेडसीसी (उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र) संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दीपावली शिल्प मेले में तीसरे दिन शनिवार रात मुक्ताकाशी मंच लोकरंग व लोकनृत्यों से सराबोर रहा। यहां शिल्प हाट में लगे दीपावली शिल्प मेले में आए दर्शकों का कलाकारों ने खूब मनोरंजन किया। भजन व बिरहा गायन से श्रोता आनंदित हो उठे। कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अपने संस्कृति को मंच पर जीवंत किया। भजन और बिरहा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम की शुरूआत कमलेश यादव ने देवी गीत -'जोहत बानी कबसे डहरियन हो' से की। उन्होंने बिरहा भी प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश की भजन गायिका अंशिका एवं साथी कलाकारों ने 'राम जय राम सिया राम' सुनाया। इसके बाद उन्होंने 'एक बार जो रघुवर की नजरों का इशारा हो जाए, छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाईके, नैनों ने थारी कैसा जादू किया रे थारे बिना लागे नहीं म्हारा जिया आदि गाने सुरीले स्वर में पेश कर लोगों की जमकर ताली बटोरी। मथुरा से पधारे दीपक शर्मा एवं दल ने 'आयो रसिया मोर वन आयो' रसिया गीत पर ब्रज नृत्य तथा जुग जुग जियो गोरी नयन हारी पर चरकुला लोकनृत्य पेश किया। इसे देख दर्शक देर तक कई बार झूमे। लखनऊ घराने से आई कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा और अन्नया, प्रिंसी व सुनिधि ने शिव वंदना पर बेहतर जुगलबंदी की। राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंग पर आधारित कथक नृत्य पेश किया। संगत कलाकारों में ढोलक पर गोपाल तिवारी, कीबोर्ड पर अनुपम, आक्टोपैड पर प्रशांत ने साथ दिया। कार्यक्रम का संचालन आभा मधुर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।
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