फरीदाबाद में कुत्ते के विवाद ने लिया बेहद हिंसक रूप, पड़ोसी ने गुस्से में आकर घर के बाहर खड़ी दोपहिया गाड़ी को पेट्रोल छिड़ककर फूंका।
हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिने जाने वाले फरीदाबाद के एक शांत रिहायशी इलाके से आपसी रंजिश और कानून व्यवस्था
- आधी रात को अंजाम दी गई इस खतरनाक आगजनी की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, फुटेज के आधार पर पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई
- पड़ोसियों के बीच मामूली कहासुनी के बाद प्रतिशोध की भावना से दहला रिहायशी इलाका, पीड़ित परिवार ने जान-माल के भारी नुकसान की आशंका जताते हुए लगाई न्याय की गुहार
हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिने जाने वाले फरीदाबाद के एक शांत रिहायशी इलाके से आपसी रंजिश और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद ही सनसनीखेज घटना सामने आई है। शहर के एक घने मोहल्ले में रहने वाले दो पड़ोसियों के बीच काफी समय से पालतू और आवारा कुत्तों के आने-जाने और उनके द्वारा फैलाई जाने वाली गंदगी को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामूली सी दिखने वाली बात ने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को एक बेहद ही खतरनाक और हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। गुस्से से आगबबूला होकर एक पड़ोसी ने आधी रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए पीड़ित परिवार के घर के ठीक बाहर खड़ी एक दोपहिया स्कूटी पर चुपके से पेट्रोल छिड़क दिया और उसमें माचिस की तीली लगा दी। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस दिल दहला देने वाली वारदात की पूरी कहानी को यदि सिलसिलेवार ढंग से समझने का प्रयास किया जाए, तो यह बात सामने आती है कि शहरी क्षेत्रों में पड़ोसियों के बीच छोटे-मोटे मुद्दों पर टकराव होना अब आम बात हो गई है। पीड़ित परिवार के घर के पास अक्सर मोहल्ले के आवारा कुत्ते बैठते थे और कभी-कभी उनके पास अपना पालतू कुत्ता भी होता था, जिसका आरोपी पड़ोसी लगातार विरोध करता था। आरोपी का तर्क था कि इन जानवरों की वजह से उसके घर के सामने गंदगी फैलती है और रात के समय उनके भौंकने से उसकी नींद में खलल पड़ता है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार तीखी बहस और गाली-गलौज हो चुकी थी, लेकिन स्थानीय बुजुर्गों और अन्य पड़ोसियों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत करा दिया था। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सुलगती हुई कड़वाहट एक दिन इस तरह के बड़े अपराध में बदल जाएगी।
घटना की रात जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया हुआ था, तब आरोपी अपने घर से प्लास्टिक की एक बोतल में पेट्रोल लेकर निकला। उसने इधर-उधर देखा ताकि कोई उसे पहचान न सके और फिर सीधे पीड़ित के मुख्य दरवाजे के पास पहुंच गया। वहां खड़ी की गई नई स्कूटी पर उसने पूरी बोतल का पेट्रोल उड़ेल दिया और जेब से माचिस निकालकर उसमें आग लगा दी। जैसे ही पेट्रोल ने आग पकड़ी, एक जोरदार धमाके के साथ लपटें खिड़कियों और घर के मुख्य गेट तक पहुंचने लगीं। गनीमत यह रही कि आग की तपिश और जलने की तेज बदबू के कारण पीड़ित परिवार की आंख समय रहते खुल गई, जिससे वे तुरंत घर से बाहर भागने में सफल रहे। अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती, तो यह आग घर के भीतर रखे गैस सिलेंडर या अन्य बिजली के उपकरणों तक पहुंच सकती थी, जिससे एक बहुत बड़ा जान-माल का नुकसान तय था।
इस पूरी खौफनाक आगजनी का सबसे मजबूत और अकाट्य प्रमाण तब सामने आया जब सुबह के समय पीड़ित परिवार ने अपने घर के बाहर और आस-पास लगे सुरक्षा कैमरों की जांच की। घर के मुख्य द्वार की दिशा में लगे एक उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे में आरोपी पड़ोसी की यह पूरी करतूत साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई थी। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह रात के करीब दो बजे दबे पांव पीड़ित के घर की तरफ आता है, गाड़ी पर ज्वलनशील पदार्थ डालता है और आग लगाने के तुरंत बाद अपने घर के भीतर जाकर छिप जाता है। इस पुख्ता डिजिटल सबूत ने आरोपी के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी है जो वह खुद को बेकसूर साबित करने के लिए सुबह से बना रहा था। पीड़ित परिवार ने इस फुटेज की एक प्रति तुरंत जांच अधिकारियों को सौंप दी है।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे और मानसिक तनाव में जीने को मजबूर है, क्योंकि उन्हें अब अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। पीड़ित का कहना है कि जो व्यक्ति एक मामूली बात पर किसी की संपत्ति को इस तरह सरेआम आग के हवाले कर सकता है, वह भविष्य में उनके परिवार के किसी सदस्य पर शारीरिक हमला करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस आगजनी में उनकी नई स्कूटी पूरी तरह से जलकर कबाड़ के ढेर में तब्दील हो गई है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मोहल्ले के अन्य निवासियों ने भी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि इस तरह की हरकतों से पूरे समाज में असुरक्षा की भावना पैदा होती है, इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए।
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले की संवेदनशीलता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तुरंत प्रभाव से भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस की एक विशेष फॉरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल का दौरा करके जले हुए वाहन के अवशेषों और वहां गिरे पेट्रोल के नमूनों को रासायनिक जांच के लिए एकत्रित किया है ताकि अदालत में मामले को और मजबूत किया जा सके। जांच अधिकारियों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने और रिहायशी इलाके में इस तरह की जानलेवा आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि वह बहुत जल्द सलाखों के पीछे होगा।
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