हावड़ा में प्रशासन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, देर रात स्टेशन रोड पर अवैध कब्जों पर गरजा पीला पंजा
नगर निगम के तकनीकी दस्ते ने बुलडोजर की मदद से कई पक्की दुकानों के सामने बढ़ाए गए अवैध हिस्सों, लोहे के काउंटरों, शेडों और कंक्रीट के अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी मात्रा में निकले मलबे को हटाने के लिए कई डंपर और जेसीबी मशीनों को
- भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, दर्जनों पक्के और अस्थायी निर्माण किए गए ध्वस्त
- यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन का बड़ा कदम, व्यापारियों में मचा हड़कंप
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से एक बेहद बड़ी और प्रशासनिक मुस्तैदी को दर्शाने वाली खबर सामने आई है। हावड़ा के सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण इलाकों में शुमार स्टेशन रोड पर जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देर रात को शुरू हुए इस औचक अभियान के तहत सड़क के दोनों किनारों पर फैले अवैध कब्जों को हटाने के लिए भारी-भरकम बुलडोजर मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके के गैर-कानूनी ढंग से कब्जा करने वाले दुकानदारों और स्थानीय भू-माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में शुरू हुई इस कार्रवाई की रूपरेखा बेहद गोपनीय रखी गई थी ताकि किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना को पहले ही रोका जा सके। जैसे ही रात के सन्नाटे में भारी मशीनों की आवाज गूंजी, वैसे ही स्टेशन रोड और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए। इस अभियान के तहत स्टेशन मार्ग के मुख्य मोड़ों और फुटपाथों पर वर्षों से जमे अवैध ढांचों को जमींदोज करने का काम सिलसिलेवार ढंग से शुरू किया गया, जो तड़के सुबह तक निर्बाध रूप से जारी रहा।
इस बड़े अभियान के दौरान किसी भी प्रकार के हिंसक विरोध, टकराव या कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए हावड़ा सिटी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। स्टेशन रोड को जोड़ने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी ताकि अभियान के दौरान आम जनता या वाहनों की आवाजाही से व्यवधान पैदा न हो। पुलिस बल ने पूरे इलाके को अपनी सुरक्षा घेरे में ले रखा था, जिसके चलते अतिक्रमणकारियों को विरोध करने का कोई मौका नहीं मिल सका और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। हावड़ा स्टेशन रोड पर प्रतिदिन लाखों यात्रियों और वाहनों का आवागमन होता है। पिछले कई सालों से इस मार्ग पर फुटपाथ से लेकर मुख्य सड़क के कई मीटर भीतर तक अवैध दुकानें, शेड और पक्के चबूतरे बना लिए गए थे। इस वजह से न केवल पैदल चलने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था, बल्कि एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन गाड़ियों को भी घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता था। उच्च स्तर पर मिली मंजूरी के बाद ही इस दीर्घकालिक समस्या के स्थायी समाधान के लिए यह सख्त कदम उठाया गया।
नगर निगम के तकनीकी दस्ते ने बुलडोजर की मदद से कई पक्की दुकानों के सामने बढ़ाए गए अवैध हिस्सों, लोहे के काउंटरों, शेडों और कंक्रीट के अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी मात्रा में निकले मलबे को हटाने के लिए कई डंपर और जेसीबी मशीनों को भी काम पर लगाया गया था ताकि सुबह होने से पहले पूरी सड़क को पूरी तरह साफ किया जा सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सुबह जब हावड़ा स्टेशन पर यात्रियों का दबाव बढ़े, तो उन्हें एक चौड़ी और साफ सड़क मिले जिससे आवागमन बेहद सुगम हो सके। कार्रवाई के दौरान कई छोटे और बड़े व्यापारियों ने अपने सामान को सुरक्षित निकालने के लिए थोड़ा समय देने की गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों ने मानवीय आधार पर कुछ रियायत दी ताकि उनका व्यक्तिगत आर्थिक नुकसान कम से कम हो सके। हालांकि, अवैध रूप से खड़े किए गए स्थायी ढांचों पर प्रशासन ने पूरी कड़ाई बरती और किसी भी प्रकार के राजनीतिक या स्थानीय दबाव को आड़े नहीं आने दिया। इस अभियान के जरिए जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सार्वजनिक संपत्तियों और सड़कों पर किए गए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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