Politics News: नागालैंड में अजित पवार (Ajit Pawar) की NCP को करारा झटका, सभी 7 विधायक NDPP में शामिल, CM रियो को पूर्ण बहुमत।
नागालैंड की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के तहत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सभी सात विधायकों ने शनिवार, 31 मई 2025 को सत्तारूढ़....
नागालैंड की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के तहत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सभी सात विधायकों ने शनिवार, 31 मई 2025 को सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) में विलय कर लिया। इस कदम ने मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व वाली NDPP को 60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल करा दिया। इस विलय के परिणामस्वरूप, NDPP के विधायकों की संख्या 25 से बढ़कर 32 हो गई, जिससे पार्टी की स्थिति और मजबूत हो गई है। यह घटना महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है।
2023 में NCP में शरद पवार (Sharad Pawar) और अजित पवार (Ajit Pawar) के बीच हुए विभाजन के बाद, नागालैंड में पार्टी की इकाई ने अजित पवार (Ajit Pawar) के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन किया था। उस वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में NCP ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 12 सीटें जीती थीं, जिसके चलते वह NDPP और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बाद राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, अब इन सात विधायकों के NDPP में विलय ने अजित पवार (Ajit Pawar) के गुट को नागालैंड में पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
- विलय और विधायकों के नाम
नागालैंड विधानसभा के अध्यक्ष शारिंगैन लोंगकुमेर ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर इस विलय को मंजूरी दी। आदेश के अनुसार, सभी सात विधायकों ने व्यक्तिगत रूप से विधानसभा अध्यक्ष को औपचारिक पत्र सौंपकर NDPP में विलय की अपनी इच्छा जताई। यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची और नागालैंड विधानसभा (दलबदल के आधार पर अयोग्यता) नियम, 2019 के तहत वैध माना गया है। विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिया गया है कि वह विधायकों की पार्टी संबद्धता के रिकॉर्ड को अपडेट करे।
- विलय करने वाले सात विधायकों के नाम इस प्रकार हैं:
नमरी नचांग (टेनिंग)
पिक्टो शोहे (अतोइजु)
वाई. महोनबेमो हुम्त्सो (वोखा टाउन)
वाई. मंखाओ कोन्याक (मोन टाउन)
ए. पोंग्शी फोम (लोंगलेन)
पी. लोंगोन (नोकलाक)
एस. तोइहो येप्थो (सुरुहोटो)
NDPP की प्रतिक्रिया और प्रभाव
राज्य सरकार में मंत्री और NDPP प्रवक्ता के.जी. केन्ये ने कोहिमा के होटल जप्फू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विलय की घोषणा की। उन्होंने कहा, "हमें खुशी और गर्व है कि हमारे कुछ और दोस्त NDPP परिवार में शामिल हुए हैं।" केन्ये ने बताया कि इस विलय से NDPP की ताकत बढ़कर 32 विधायकों की हो गई है, जिससे मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो का नेतृत्व और मजबूत होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कदम न केवल NDPP को मजबूत करता है, बल्कि नागालैंड की राजनीति में स्थिरता और एकजुटता का संदेश भी देता है। केन्ये ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विलय का आगामी चुनावों में सीट बंटवारे पर कोई निश्चित प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि "कोई स्थायी फॉर्मूला नहीं होता।" कैबिनेट फेरबदल की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह मुख्यमंत्री रियो के विशेषाधिकार में है।
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यह विलय अजित पवार (Ajit Pawar) के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि नागालैंड में उनकी पार्टी की उपस्थिति अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। 2023 में NCP के विभाजन के बाद, अजित पवार (Ajit Pawar) ने पार्टी का चुनाव चिह्न 'घड़ी' और अधिकांश विधायकों का समर्थन हासिल किया था। इसके बावजूद, नागालैंड में यह उलटफेर उनके लिए एक राजनीतिक और रणनीतिक नुकसान है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अजित पवार (Ajit Pawar) दिल्ली विधानसभा चुनाव में 25-30 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर अपनी पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस विलय के बाद, NDPP ने 60 सदस्यीय विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। गठबंधन सहयोगी BJP के पास 12 सीटें हैं, और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी रियो सरकार को प्राप्त है। इस तरह, सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। यह कदम नागालैंड में राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा दे सकता है और मुख्यमंत्री रियो के नेतृत्व को और सुदृढ़ करेगा।
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