Sambhal: घर बैठकर बजट मीटिंग कैंसिल? सभासद का आरोप-पालिका में ‘हिटलरशाही’, विकास ठप।
नगरपालिका बोर्ड की बजट बैठक अचानक रद्द किए जाने पर सभासदों का सियासी पारा चढ़ गया है। सभासदों द्वारा नगर पालिका
उवैस दानिश,
नगरपालिका बोर्ड की बजट बैठक अचानक रद्द किए जाने पर सभासदों का सियासी पारा चढ़ गया है। सभासदों द्वारा नगर पालिका पहुंचकर आक्रोश जताया गया। सभासदो ने इस फैसले पर तीखा विरोध जताते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक नोटिस के मीटिंग कैंसिल करना पूरी तरह मनमाना है।
सभासद शौकीन ने सवाल उठाया कि क्या नगरपालिका “घर की सरकार” बन गई है, जहां चेयरपर्सन घर बैठे ही फैसले ले रही हैं। उनका कहना है कि यदि बैठक स्थगित करनी थी तो पहले एजेंडा जारी किया जाना चाहिए था और सभासदों को नोटिस देकर सूचित किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया और देर रात सिर्फ एक प्रेस नोट जारी कर दिया गया। सभासद ने यह भी आरोप लगाया कि चेयरपर्सन की तबीयत खराब होने की बात मीडिया को बताई गई, लेकिन सदस्यों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “जब मीडिया को प्रेस नोट जारी हो सकता है, तो सभासदों को फोन कर जानकारी देने में क्या दिक्कत थी?”
उन्होंने इस पूरे मामले को शहर के विकास में बाधा बताते हुए कहा कि बजट बैठक फरवरी से लगातार टल रही है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं। करीब 1 अरब 67 करोड़ रुपये के बजट पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। शौकीन ने आरोप लगाया कि पालिका में दबाव और डर का माहौल बनाया जा रहा है। ज्यादा बोलने पर एफआईआर और जांच की धमकी दी जाती है। उन्होंने यहां तक कहा कि कुछ सदस्यों से जबरन हस्ताक्षर कराकर बजट शासन स्तर से पास कराने की कोशिश की जा सकती है। आगे की रणनीति पर उन्होंने साफ किया कि उनकी मांग सिर्फ एक है—जल्द से जल्द बोर्ड बैठक कराई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे न्यायालय का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, “हमें अदालत पर पूरा भरोसा है। शहर के विकास के लिए बैठक होना जरूरी है और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
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