सम्भल में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकला नगर कीर्तन, गुरु गोविंद सिंह जी का 360वां प्रकाशोत्सव मनाया गया।
गुरुवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 360वें प्रकाशोत्सव के पावन अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, सम्भल की ओर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: गुरुवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 360वें प्रकाशोत्सव के पावन अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, सम्भल की ओर से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन का शुभारंभ मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सुरजकुंड मंदिर पर सकुशल संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन का आयोजन गुरुद्वारा प्रबंधक कुलदीप सिंह व रणजीत सिंह की देखरेख में किया गया। कीर्तन यात्रा चक्की का पाट, टंडन तिराहा, पुरानी तहसील, शंकर कॉलेज, यशोदा चौराहा, चौधरी चरण सिंह प्रतिमा से पीएनबी तिराहा, पुराना टेलीफोन एक्सचेंज, दरगाह मंदिर व साई मंदिर से होते हुए आगे बढ़ी। मार्ग भर संगत ने पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन में तीन अखाड़े, तीन डीजे, तीन बैंड, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और पांच घोड़े शामिल रहे। अखाड़ों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, वहीं ढोल-नगाड़ों और कीर्तन की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
जगह-जगह आतिशबाजी भी की गई, जिससे उत्सव की भव्यता और बढ़ गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिख संगत के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी शामिल हुए, जो आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बना। नगर कीर्तन में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू भी शामिल हुए और उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए समाज में एकता और सेवा भावना को अपनाने का संदेश दिया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे नगर कीर्तन शांतिपूर्ण व अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। प्रकाशोत्सव के इस आयोजन ने सम्भल में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।
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