Hardoi: टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने को शिक्षकों का आंदोलन तेज, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को भेजे पत्र।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले
हरदोई। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर में शिक्षकों का अभियान जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को विकासखंड बावन के शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री को पत्र व ई-मेल भेजकर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।
ब्लॉक संसाधन केंद्र बावन में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री एम.पी. सिंह की उपस्थिति में सैकड़ों शिक्षक एकत्र हुए। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कराने के लिए प्रदेश के करीब 20 शिक्षक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का निर्णय लिया है। आंदोलन के पहले चरण के रूप में “शिक्षक की पाती” अभियान 15 मार्च तक चलाया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि आरटीई एक्ट 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों ने उस समय एनसीटीई द्वारा निर्धारित सभी योग्यताएं पूरी की थीं। ऐसे में 20-25 वर्षों की सेवा देने के बाद उन्हें अपने बच्चों की उम्र के अभ्यर्थियों के साथ दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य करना तर्कसंगत नहीं है।
कार्यक्रम में प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक मंत्री मनीष राठौर, संतोष कुमार, श्रुति यादव, आशुतोष मिश्रा, अंशुल मिश्रा, अरुण शर्मा, मेनका राठौर, राजेश्वर सिंह, राजीव शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, सौरभ तिवारी, अभिषेक तिवारी, जूनियर शिक्षक संघ के अरुणेश सिंह व अरविंद सिंह, अटेवा ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार अग्निहोत्री, बेबी कुमारी, हरिश्याम गौतम, टीएससीटी ब्लॉक अध्यक्ष नवनीत अग्निहोत्री, विजय तोमर, शालिनी सिंह, राजीव सिंह, सुभाष कुमार, विशिष्ट बीटीसी संघ के जिला अध्यक्ष के.पी. सिंह, ब्लॉक प्रभारी मनोज वर्मा, शशि देवी, मधु गुप्ता, स्नेहलता सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
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