Etawah News: इटावा के दादरपुर गांव में कथावाचक के साथ जातिगत हिंसा और अपमान, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई। 

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादरपुर गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके...

Jun 24, 2025 - 14:32
 0  115
Etawah News: इटावा के दादरपुर गांव में कथावाचक के साथ जातिगत हिंसा और अपमान, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई। 

इटावा : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादरपुर गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगियों के साथ हुई बर्बरता और अपमान की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यह मामला जातिगत भेदभाव और हिंसा का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने सामाजिक समरसता और धार्मिक स्वतंत्रता पर गहरे सवाल खड़े किए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है, और अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

21 जून 2025 को दादरपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस आयोजन के लिए कथावाचक मुकुट मणि यादव, उनके सहयोगी संत सिंह यादव, और वादक श्याम सिंह को पप्पू बाबा नामक व्यक्ति ने बुलाया था। कथा शुरू होने से पहले कलश यात्रा निकाली गई, लेकिन इसके बाद गांव में यह बात फैल गई कि कथावाचक मुकुट मणि यादव ने अपनी जाति को लेकर गलत जानकारी दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मुकुट मणि ने खुद को ब्राह्मण बताया, जबकि वे यादव समाज से हैं।

इस बात को लेकर कुछ ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। आरोप है कि पप्पू बाबा, अतुल, मनीष, डीलर, और लगभग 50 अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर कथावाचक और उनके सहयोगियों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल उनकी बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उनके सिर मुंडवा दिए, चोटी काटी, और महिला यजमान के सामने नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई। इतना ही नहीं, कथावाचक के कपड़े फाड़े गए, उनके 25,000 रुपये नकद और सोने की चेन छीन ली गई, और उनके वाद्य यंत्र जैसे हारमोनियम और ढोलक तोड़ दिए गए।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अपमान की हदें पार करते हुए हमलावरों ने एक महिला का मूत्र मांगकर कथावाचक पर डालने का नाटक किया, जिसे "शुद्धिकरण" का नाम दिया गया। यह कृत्य न केवल अमानवीय था, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाने वाला माना जा रहा है।

  • पीड़ित का बयान

कथावाचक मुकुट मणि यादव ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा, “मैंने कथा शुरू करने से पहले अपना नाम और पहचान स्पष्ट कर दी थी। मेरी बुकिंग नियमित रूप से की गई थी, लेकिन मेरे यादव होने के कारण मेरा-मारड कर मेरा अपमान किया गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनकी जाति को आधार बनाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

मुकुट मणि के अनुसार, उनकी तलाशी के दौरान उनके पास दो आधार कार्ड मिले, जिनमें एक में उनका नाम “मुकट मणी अग्निहोत्री” और पता औरैया का अछल्दा दर्ज था, जबकि दूसरे में “मुकुट सिंह” और पता इटावा का निबाड़ी कला लिखा था। ग्रामीणों ने इसे उनकी पहचान छिपाने का सबूत माना, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।

  • ग्रामीणों का दावा

दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनका आक्रोश कथावाचक की जाति से नहीं, बल्कि उनकी कथित “गलत पहचान” और “धोखाधड़ी” से था। एक X पोस्ट में दावा किया गया, “कथा किसी भी समाज का व्यक्ति कर सकता है, लेकिन जब बात धर्म की हो, तो पारदर्शिता और ईमानदारी ज़रूरी है।” हालांकि, इस दावे को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, और कानून विशेषज्ञों का कहना है कि किसी की पहचान को लेकर कानून हाथ में लेना अपराध है।

  • पुलिस कार्रवाई

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और अन्य की तलाश जारी है। एक जांच टीम का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) कर रहे हैं।

एसएसपी ने कहा, “आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों के पैसे और अन्य सामान छीने जाने की भी जांच हो रही है।” पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं संविधान और कानून के खिलाफ हैं, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा, “इटावा के बकेवर क्षेत्र के दांदरपुर गांव में कथावाचक और उनके सहायकों की जाति पूछकर अभद्र व्यवहार किया गया। उनके बाल कटवाए गए, नाक रगड़वाई गई, और शुद्धिकरण कराया गया। हमारा संविधान जातिगत भेदभाव की अनुमति नहीं देता। तीन दिनों में कड़ी कार्रवाई न हुई तो आंदोलन करेंगे।”

सपा सांसद जितेंद्र दोहरे और विधायक राघवेंद्र गौतम ने पीड़ितों के साथ एसएसपी से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं, अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस घटना की निंदा की है और इसे सामाजिक एकता के लिए खतरा बताया है।

  • मानवाधिकार आयोग का हस्तक्षेप

यह मामला उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एक अधिवक्ता ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि इस तरह का कृत्य न केवल कथावाचक, बल्कि पूरे समाज, खासकर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई X पोस्ट्स में इसे “जातिवाद का घिनौना चेहरा” और “इंसानियत की हत्या” करार दिया गया है। कुछ यूजर्स ने ग्रामीणों के व्यवहार को सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया, जबकि कुछ ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक एकता और धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करती हैं।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हिंसा न केवल भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 323 (मारपीट), 341 (गलत तरीके से रोकना), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध है, बल्कि अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और अन्य मानवाधिकार कानूनों के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को जातिगत भेदभाव की गहरी जड़ों का प्रतीक बताया और समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया।

24 जून 2025 तक: पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, और अन्य की तलाश जारी है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कथा को जारी रखने के लिए जसवंतनगर से एक अन्य कथावाचक सुखदेव मिश्रा को बुलाया गया, और रविवार व सोमवार को कथा संपन्न हुई। मानवाधिकार आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सपा ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की घोषणा की है।

Also Read- Viral: तेलंगाना में सनसनीखेज हत्याकांड- पत्नी और सास ने साझा प्रेमी के साथ मिलकर नवविवाहित पति की हत्या की।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।