Deoband : करणी सेना उपाध्यक्ष को सिकंदर अली की खुली चुनौती, सपा सांसद इकरा हसन पर विवादित टिप्पणी का मामला
करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कैराना की सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ एक वीडियो और पोस्ट सा
देवबंद : कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद चौधरी इकरा हसन पर करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा द्वारा की गई अभद्र और विवादित टिप्पणी ने पूरे समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस टिप्पणी के खिलाफ देवबंद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सभासद और सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कड़ा रुख अपनाते हुए योगेंद्र राणा को खुली चुनौती दी है। सिकंदर अली ने राणा के बयान को न केवल सांसद इकरा हसन, बल्कि पूरे समाज और विशेष रूप से महिलाओं का अपमान बताया है। उन्होंने राणा को उनकी औकात दिखाने की चेतावनी दी और कहा कि इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योगेंद्र राणा की अभद्र टिप्पणी
करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कैराना की सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ एक वीडियो और पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में राणा ने इकरा हसन से "निकाह कबूल" करने की बात कही और शर्त रखी कि एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी उन्हें "जीजा" कहकर बुलाएं। राणा ने अपने बयान में कहा, "मैं इकरा हसन से निकाह कबूल करता हूं। वह मेरे घर में नमाज पढ़ सकती हैं, मुझे कोई आपत्ति नहीं। मेरे पास मकान, जमीन-जायदाद की कोई कमी नहीं है। मैंने अपनी पत्नी से भी पूछ लिया है।"
इस वीडियो और पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तुरंत तूल पकड़ लिया और समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों में गुस्सा भड़क उठा। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इस बयान को इकरा हसन, पूरे मुस्लिम समाज और भारतीय संसद का अपमान बताया। उन्होंने इसे ईव-टीजिंग की श्रेणी में रखते हुए राणा की गिरफ्तारी की मांग की। विवाद बढ़ता देख राणा ने अपनी पोस्ट और वीडियो को फेसबुक से हटा लिया, लेकिन तब तक यह मामला देशभर में सुर्खियां बटोर चुका था।
सिकंदर अली की खुली चुनौती- "राणा नहीं, तू काणा है"
देवबंद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सभासद और सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने योगेंद्र राणा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राणा को खुली चुनौती देते हुए कहा, "तू राणा नहीं, काणा है। अगर तू सच्चा राणा का बच्चा है और तेरे मन में कोई गलतफहमी है, तो सामने आ और उसे दूर कर। हम तुझे तेरी औकात दिखा देंगे।" सिकंदर अली ने राणा के बयान को न केवल इकरा हसन, बल्कि पूरे समाज और विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियां हर धर्म और समुदाय की होती हैं, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम। इस तरह की अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी करना निंदनीय है और यह समाज में नफरत फैलाने का प्रयास है।
सिकंदर अली ने अपने बयान में "बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ" के नारे का हवाला देते हुए कहा कि योगेंद्र राणा जैसे लोग इस नारे को खोखला कर रहे हैं। उन्होंने राणा को चेतावनी दी, "अगर तुझमें हिम्मत है, तो सामने आकर दिखा। हम तुझे बता देंगे कि हम क्या हैं। अपने दिमाग से यह गलतफहमी निकाल दे कि जो मन में आया, बोल दिया। हमारे संस्कार हमें गलत शब्दों का इस्तेमाल करने से रोकते हैं, वरना हम भी जानते हैं कि जवाब कैसे देना है।" सिकंदर अली ने जोर देकर कहा कि वे सभी धर्मों और सभी की बहन-बेटियों का सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की टिप्पणियां बर्दाश्त से बाहर हैं।
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