Saharanpur : अपर पुलिस महानिदेशक और पुलिस उपमहानिरीक्षक ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, भानु भास्कर, और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर और अन्य अधिकारियों के
मुजफ्फरनगर : कांवड़ यात्रा 2025 को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), मेरठ जोन, भानु भास्कर और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), सहारनपुर परिक्षेत्र, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुजफ्फरनगर, संजय कुमार वर्मा, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण देर रात को मुख्य कांवड़ मार्ग पर स्थित बागोवाली चेकपोस्ट, रामपुर तिराहा और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर किया गया।
इस दौरान अधिकारियों ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं, यातायात प्रबंधन, पुलिस तैनाती और संसाधनों की जांच की। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने, कांवड़ियों के साथ शालीन व्यवहार करने और किसी भी समस्या में तुरंत सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। कांवड़ यात्रा, जो सावन मास में लाखों श्रद्धालुओं द्वारा की जाती है, उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस दौरान हरिद्वार से गंगा जल लाने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जाती हैं। मुजफ्फरनगर, जो कांवड़ मार्ग का एक प्रमुख केंद्र है, में इस वर्ष यात्रा को निर्विघ्न, दुर्घटनामुक्त और सकुशल संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, भानु भास्कर, और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर कांवड़ मार्ग का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं, यातायात प्रबंधन, पुलिस तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता की जांच करना था। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई असुविधा या अप्रिय घटना न हो।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुजफ्फरनगर के मुख्य कांवड़ मार्ग पर कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया, जिनमें शामिल हैं:
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बागोवाली चेकपोस्ट: यह चेकपोस्ट कांवड़ मार्ग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की विशेष निगरानी की जाती है। अधिकारियों ने यहां तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उनकी ड्यूटी की समीक्षा की।
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रामपुर तिराहा: यह क्षेत्र कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़भाड़ वाला होता है। अधिकारियों ने यहां रूट डायवर्जन प्लान के अनुपालन और यातायात व्यवस्था की जांच की।
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शिव चौक और अन्य स्थान: अधिकारियों ने शिव चौक स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता की जांच की। इसके बाद मीनाक्षी चौक और अन्य कांवड़ मार्गों पर पैदल गस्त कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ शिविरों में रुके हुए श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से बातचीत की। उन्होंने कांवड़ियों से उनकी कुशलक्षेम पूछी और पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं जैसे पीने का पानी, शौचालय, और विश्राम स्थल के बारे में जानकारी ली। कांवड़ियों ने पुलिस की व्यवस्थाओं की सराहना की और कुछ सुझाव भी दिए, जिन्हें अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
पुलिसकर्मियों को दिए गए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक और पुलिस उपमहानिरीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जो कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जरूरी हैं:
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विशेष सतर्कता: 20 जुलाई 2025 से डाक कांवड़ शुरू होने के कारण पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया। डाक कांवड़ के दौरान कांवड़ियों की संइस खबर को विस्तार से हिंदी के सरल शब्दों में बनाएं। खबर को बेहतर शीर्षक के साथ लिखें।ख्या में तेजी से वृद्धि होती है, जिसके लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
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ट्रैफिक डायवर्जन का अनुपालन: रूट डायवर्जन प्लान को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही न हो और कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो। गंगनहर पटरी मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को हल्के वाहनों के लिए खुला रखा गया है।
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शालीन व्यवहार: पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के साथ शालीनता और सम्मान के साथ व्यवहार करने के लिए कहा गया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कांवड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, उनकी हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए गए।
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तत्काल सूचना: किसी भी छोटी-बड़ी घटना या समस्या की स्थिति में पुलिसकर्मियों को तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के लिए कहा गया। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी करने और कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
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सुरक्षा और संसाधन: अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कांवड़ मार्ग पर बैरिकेडिंग, संकेतक, पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय, और मेडिकल सहायता दल 24 घंटे उपलब्ध रहें। रेस्क्यू वैन और क्रेन जैसी सुविधाएं भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखी गई हैं।
पुलिस की तैयारियां और व्यवस्थाएं
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कुछ प्रमुख व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
कांवड़ मार्ग का विभाजन: मेरठ जोन में कांवड़ मार्ग के 325 किलोमीटर के क्षेत्र को सात जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में क्षेत्राधिकारी (सीओ) और मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह जोन बनाए गए हैं, जहां एसपी स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम: कांवड़ मार्गों पर 235 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। दो कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस तैनाती: मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 6 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 49 ट्रैफिक उपनिरीक्षक, 61 हेड कांस्टेबल, 215 सिपाही, 149 होमगार्ड, और 56 पीआरडी जवान शामिल हैं।
ट्रैफिक प्रबंधन: गंगनहर पटरी मार्ग पर सभी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है, जबकि हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस की 200 से अधिक टीमें और 55 ड्रोन हाईवे पर निगरानी कर रहे हैं।
सुविधाएं: कांवड़ियों के लिए शिविरों में पीने का पानी, शौचालय, और विश्राम की व्यवस्था की गई है। मेडिकल सहायता दल और रेस्क्यू वैन 24 घंटे तैयार रहते हैं।
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