Deoband : शायरों और कवियों ने दी भाईचारे की मिसाल, कलाम सुनकर श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
मंच से शामली के कवि प्रदीप मायूस ने अपनी पंक्तियों के माध्यम से एकता का संदेश देते हुए कहा कि हिंदू और मुसलमान एक ही हैं और अल्लाह व भगवान में कोई भेद नहीं है। उन्होंने गीता और कुरान के संदेश को भी साझा बताया। नोएडा से आईं कवयित्री सविता सिंह शमां
देवबंद के हाईवे स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा समिति द्वारा मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मकसद समाज में एकता और आपसी प्रेम का संदेश देना था। कार्यक्रम की शुरुआत यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक डॉक्टर कमरुज्जमा कुरैशी ने की। रात भर चले इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द की वकालत की और श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
मंच से शामली के कवि प्रदीप मायूस ने अपनी पंक्तियों के माध्यम से एकता का संदेश देते हुए कहा कि हिंदू और मुसलमान एक ही हैं और अल्लाह व भगवान में कोई भेद नहीं है। उन्होंने गीता और कुरान के संदेश को भी साझा बताया। नोएडा से आईं कवयित्री सविता सिंह शमां ने समाज में घटती मोहब्बत और इंसानियत पर अपनी चिंता व्यक्त की। वहीं हास्य शायर जहाज देवबंदी ने अपनी रचनाओं से लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ खिदमत का महत्व बताया। चांद देवबंदी ने अपनी शायरी से आत्मसम्मान का संदेश दिया, जबकि कवि बलराज मलिक ने आधुनिक भारत की बेटियों के साहस की तुलना झांसी की रानी से करते हुए उनकी वीरता का गुणगान किया। डॉक्टर नासिर शाह की अध्यक्षता और जर्रार बेग के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में विवेक तायल, खलील खान, अजय गर्ग और शाजिया नाज समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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