Sambhal : सम्भल में सियासी बयानबाज़ी का विस्फोट- विकास, धर्म और निजी आयोजनों तक पहुंची राजनीति
जिया ने सरायतरीन में हुई नेता अकील उर रहमान के लड़के की हालिया शादी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय के धार्मिक व्यक्तियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों को बुलाया गया। उन्होंने इसे सामाजि
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल विधानसभा में चुनावी हलचल के बीच खुद को Bharatiya Janata Party (भाजपा) का संभावित उम्मीदवार बताने वाली जिया ने एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर बयान दिए। उनके बयान में विकास के दावे, विपक्ष पर हमले, धार्मिक संदर्भ और यहां तक कि निजी समारोहों को लेकर भी टिप्पणी शामिल रही।
विकास का दावा
जिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने सम्भल में बड़े स्तर पर विकास कराया है। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, रोडवेज समेत कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए करीब 4000 करोड़ रुपये के काम का दावा किया। साथ ही आयुष्मान योजना, मुफ्त राशन और किसानों को बिजली जैसी सुविधाओं को सरकार की उपलब्धि बताया।
विदेश में काम करने वालों का मुद्दा
उन्होंने खाड़ी देशों—दुबई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत—में काम कर रहे भारतीयों का मुद्दा उठाया। जिया का कहना था कि ये लोग देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और परिवारों की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
प्रशासन और न्याय व्यवस्था
जिया ने दावा किया कि मौजूदा सरकार में हर वर्ग को न्याय मिल रहा है और पुलिस-प्रशासन बिना भेदभाव के काम कर रहा है।
विपक्ष पर तीखा हमला
उन्होंने Akhilesh Yadav और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए सपा को “गुंडों की सरकार” बताया। मुफ्त बिजली (300 यूनिट) और ₹40,000 पेंशन के वादों को उन्होंने “लुभावने लेकिन अव्यवहारिक” बताया।
महिला आरक्षण बिल पर बयान
जिया ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष का विरोध सिर्फ राजनीतिक दिखावा है और विपक्ष हर मुद्दे को अपने हिसाब से मोड़ने की कोशिश करता है।
स्थानीय नेताओं पर आरोप
उन्होंने विधायक नवाब इकबाल पर काम न करने का आरोप लगाते हुए खुद को ज्यादा सक्रिय बताया। जिया ने यह भी दावा किया कि उन्होंने जामा मस्जिद से “3000 नाम निकलवाए” और विधायक ने अपने लड़के का नाम निकलवाया, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
शादी के न्योते पर भी सियासत
जिया ने सरायतरीन में हुई नेता अकील उर रहमान के लड़के की हालिया शादी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय के धार्मिक व्यक्तियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों को बुलाया गया। उन्होंने इसे सामाजिक और राजनीतिक भेदभाव से जोड़ते हुए विपक्षी नेताओं की मंशा पर सवाल उठाए।
धार्मिक-सामाजिक बयान और अपील
इंटरव्यू के दौरान जिया ने कई धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को भी उठाया, जिससे चुनावी बहस और संवेदनशील हो गई। उन्होंने खुद को “हर समस्या का समाधान” बताते हुए जनता से समर्थन की अपील की और लंबे समय से चली आ रही राजनीति को बदलने की बात कही। सम्भल में इस तरह के तीखे और बहुआयामी बयानों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में मुद्दों की राजनीति हावी होती है या इसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।
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