किसान भाई बुवाई से पूर्व बीजशोधन/भूमिशोधन अवश्य कर ले

बीज को 2 प्रतिशत नमक के घोल मे डुबा दे एवं जो बीज घोल की सतह पर तैरता दिखायी दे उसे निकाल कर फेंक दे। बीज को छायादार स्थान पर सुखाकर बुवाई करनी चहिये तथा इसके नियंत्रण हेतु थीरम 75 प्रतिशत 2.5 ग्राम अथवा कारबेन्डाजिम 50...

Nov 8, 2024 - 21:58
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किसान भाई बुवाई से पूर्व बीजशोधन/भूमिशोधन अवश्य कर ले

Hardoi News INA.

कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के किसान भाईयों को सूचित किया है कि, वर्तमान समय मुख्य रूप रबी मे बोई जाने वाली फसलें जैसे गेंहूँ, चना, मटर एवं सरसों की बोवाई की जा रही है। बुवाई से पूर्व बीजशोधन/भूमिशोधन नितांत आवश्यक है, जिससे फसलों को रोगों से होने वाली क्षति को कम किया जा सके। गेंहू की फसल मे करनाल बन्ट नामक रोग की समस्या देखी जाती है। यह एक बीज जनित रोग है, बुवाई के लिये रोग रहित बीज का चुनाव करना चाहिये।

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बीज को 2 प्रतिशत नमक के घोल मे डुबा दे एवं जो बीज घोल की सतह पर तैरता दिखायी दे उसे निकाल कर फेंक दे। बीज को छायादार स्थान पर सुखाकर बुवाई करनी चाहिए तथा इसके नियंत्रण हेतु थीरम 75 प्रतिशत 2.5 ग्राम अथवा कारबेन्डाजिम 50 प्रतिशत 2 ग्राम/किग्रा० बीज की दर से बीजशोधन कर बुवाई करे। इसी तरह चना एवं मटर मे प्रायः उक्ठा रोगों की समस्या रहती है। ऐसी दशा मे बुवाई से पूर्व ट्राइकोडर्मा हारजिनिएनम 2 प्रतिशत डब्लू०पी० की 5 ग्राम मात्रा अथवा थीरम 75 प्रतिशत डी०एस० की 3ग्राम मात्रा/किग्रा० की दर से बीज शोधन कर बुवाई करना चाहिये। सरसों की फसल मे गेरूई नामक रोग से बचाव हेतु मेटालैक्सिल 35 प्रतिशत डब्लू०एस० 2 ग्राम मात्रा/किग्रा० की दर से बीजशोधन कर बुवाई करे।

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