हरदोई: पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ने ब्राह्मणों पर की अभद्र टिप्पणी, एक्स पर एक पोस्ट के जबाव में पूजा और मंदिर पर बयान दिया
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा था कि "दो कौड़ी का ग्वाल चरवाहा @ManojSinghKAKA अपनी औकात भूलकर ब्राह्मणों को पोंगा पंडित बोल रहा है? 12 बजे बुद्धि खुलने बाले ब्राह्मणों के टुकड़ों पर पलने बाले ब्राह्मणों को ही ऊ....
By INA News Hardoi.
हरदोई समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की गई एक पोस्ट का जबाव देते हुए ब्राह्मणों, पूजा और मंदिरों पर अभद्र टिप्पणी कर डाली। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू द्वारा यह रिप्लाई करने के बाद लोगों ने भी तरह-तरह के कमेंट्स किये हैं। जिससे सोशल मीडिया पर शब्द्-युद्ध छिड़ गया।
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दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा था कि "दो कौड़ी का ग्वाल चरवाहा @ManojSinghKAKA अपनी औकात भूलकर ब्राह्मणों को पोंगा पंडित बोल रहा है? 12 बजे बुद्धि खुलने बाले ब्राह्मणों के टुकड़ों पर पलने बाले ब्राह्मणों को ही ऊल जलूल बक रहे हैं? मत मेरी बिल्ली मेरे से ही म्याऊं? अरे बाप दादाओं का कर्ज तो उतार नहीं पा रहे हो, सरकार की खैरात पर पल रहे हो, तो औकात में रहो। अपने बाप @yadavakhilesh से पूछो कि ब्राह्मणों पर ऐसी टिप्पणी करें कि न करें, जो चुनाव के समय प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन और भगवान परशुराम की मूर्तियां लगवाने और बनवाने की बात करते हैं?"
जिसके जबाव में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू ने लिखा कि "अबे तू और तेरे लोग पूजा और मंदिरों में हमारे द्वारा दी गई भीख पर ही रोटी खा रहे हो हम रोटी न दें तो भूखे मर जाओगे"
इसके बाद कुछ लोगों ने भी तरह-तरह के कमेंट्स किये हैं। इनमें से एक यूजर ने लिखा कि "अबे भीख मंगे यहां ज्ञान न पेल समझा जिनकी औकात बचपन से ही भीख मांगने की इजाजत देती है बो दूसरे को ज्ञान न दे भैंस पालने चराने क्या बुराई है यादव समाज तुम्हारे जैसा भीखमंगा बन जाए ज्यादा ज्ञान न दो समझे"
एक व्यक्ति ने लिखा कि "अगर आप किसी जाति या व्यक्ति का सम्मान नहीं कर सकते..! तो उस पर टिप्पणी भी न करें..!! @ManojSinghKAKA को ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए..!!!"
एक अन्य यूजर ने लिखा कि "क्योंकि ये सब जानते है पहले ब्राह्मणों को ४ साल गाली दो और चुनाव के समय एक दो सम्मेलन करके ब्राह्मण प्रत्याशी दे दो | ब्राह्मण सब भुल जाता है| जिसने ५ साल ब्राह्मणों की सेवा की वो ब्राह्मण प्रत्याशी न दें तो परशुराम के वंशजों का अपमान कहकर परेशान किया जाता है | हो ही इसी लायक ।"
नोट- यह सारे तथ्य सोशल मीडिया प्लेटफोर्म 'एक्स' से लिए गये हैं. किसी भी विवाद या तथ्यों में परिवर्तन के किये INA जिम्मेदार नहीं होगा.
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