Hardoi : अरवल थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन, पुलिस और खनन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

सरकारी नियमों के मुताबिक, 100 वर्ग मीटर तक मिट्टी की खुदाई के लिए ऑनलाइन अनुमति की आवश्यकता होती है, लेकिन व्यावसायिक जरूरतों के लिए लोग नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर खुदाई करवा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सांठगांठ की बातें भी सामने आई हैं।

Jun 29, 2026 - 21:11
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Hardoi : अरवल थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन, पुलिस और खनन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
Hardoi : अरवल थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन, पुलिस और खनन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

रिपोर्ट : अभिषेक त्रिवेदी

अरवल/हरदोई: हरपालपुर पुलिस और खनन विभाग द्वारा पिछले कुछ समय से अवैध खनन पर अंकुश लगाने के दावों के बीच, पड़ोसी अरवल थाना क्षेत्र से बड़े पैमाने पर अवैध खनन की बात सामने आ रही है। क्षेत्र के करीब 50 गांवों में रात-दिन नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। श्रीमऊ, टिलिया घटवासा, करनपुर, कबीराखेडा, परसूपुरवा, शेखपुर, हन्नामऊ और फदुल्लापुर जैसे गांवों में तड़के तीन बजे से ही जेसीबी मशीनें और ट्रैक्टर-ट्रालियां काम पर लग जाती हैं, जो सुबह लगभग 10 बजे तक बिना किसी रोक-टोक के चलती हैं। सबसे ज्यादा अवैध खनन अरवल थाना क्षेत्र के हल्का नंबर दो में देखा जा रहा है। स्थानीय पुलिस से इस संबंध में बात करने पर वे जानकारी न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर पुलिस के संरक्षण में ही यह पूरा खेल चलने की चर्चा है।

सरकारी नियमों के मुताबिक, 100 वर्ग मीटर तक मिट्टी की खुदाई के लिए ऑनलाइन अनुमति की आवश्यकता होती है, लेकिन व्यावसायिक जरूरतों के लिए लोग नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर खुदाई करवा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सांठगांठ की बातें भी सामने आई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली के हिसाब से अवैध वसूली की जाती है और इसके बदले में खनन माफियाओं को अंधाधुंध खुदाई करने की छूट मिल जाती है। अरवल थाना क्षेत्र जिला मुख्यालय से काफी दूर और कई नदियों से घिरा होने के कारण भी यहां प्रशासनिक निगरानी कमजोर है, जिसका फायदा खनन माफिया आसानी से उठा रहे हैं।

एक तरफ जहां हरपालपुर थाना क्षेत्र में खनन विभाग ने छापेमारी कर कार्रवाई की है, वहीं अरवल क्षेत्र में अधिकारियों का न पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। इस गंभीर विषय पर जब जिला खनन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह से फोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इससे मामले को लेकर प्रशासनिक उदासीनता अधिक स्पष्ट होती है क्योंकि बिना मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर अवैध खुदाई का काम चलना मुश्ककल है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत कड़ा संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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