Hardoi : बरनई चतरखा में वंदेमातरम के 150वें वर्ष पर योग शिविर, ग्रामीणों को सिखाए आसन और नेति
समाज सेविका शालिनी सिंह ने पहली बार गांव वालों के अच्छे स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हरदोई के योग रत्न सम्मानित योग गुरु हरिबंश सिंह से संपर्क किया और उन्हें
बरनई चतरखा- हरदोई। विकास खंड सांडी के बरनई चतरखा गांव में वंदेमातरम के 150वें वर्ष पर पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी हरिबंश सिंह अपनी पत्नी सहयोग शिक्षिका शशिकला सिंह और प्रमुख योग शिक्षिका कंचन पांडेय के साथ पहुंचे। समाज सेविका शालिनी सिंह द्वारा आयोजित योग शिविर में उन्होंने हिस्सा लिया। लोगों को योग के आसन सिखाए और सही तरीका बताया। हरिबंश सिंह ने कहा कि अच्छा जीवन जीने के लिए सभी को योग करना जरूरी है।
समाज सेविका शालिनी सिंह ने पहली बार गांव वालों के अच्छे स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हरदोई के योग रत्न सम्मानित योग गुरु हरिबंश सिंह से संपर्क किया और उन्हें योग सिखाने के लिए बुलाया। हरिबंश सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। योगाभ्यास कराया, उसके फायदे बताए। जल नेति और सूत्र नेति करके दिखाया और लाभ समझाए। उन्होंने चेतावनी दी कि पहले किसी जानकार योग शिक्षक से जरूर सीखें।
शिविर का समापन वंदे मातरम गीत गाकर किया गया। भारत माता की जय, वंदे मातरम और करो योग रहो निरोग के नारे लगाए गए। हरिबंश सिंह ने समाज सेवा में भूमिका निभाने वाली कृष्णा कुमारी सेवा संस्थान की संचालिका शालिनी सिंह को उपचार पद्धति की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। शालिनी सिंह ने योग गुरु और उनकी टीम को फूलों का गुलदस्ता एवं रामदरबार का चित्र देकर सम्मान दिया।
कार्यक्रम के अंत में गांव के सुरेश सिंह की मौत पर शोक जताया गया। सभी ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा। ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी आत्मा को शांति मिले और शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति दे। इस अवसर पर भीम सिंह, लाल सिंह, सर्वेंद्र, जितेंद्र, सुनील सिंह, राजू, रामवीर, वेदना, वंदना, राम गुड्डा आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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