गोंडा में भीषण हादसा- तेज रफ्तार बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, चार को बचाया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000

Aug 4, 2025 - 00:30
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गोंडा में भीषण हादसा- तेज रफ्तार बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, चार को बचाया गया
Photo: Social Media

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में रविवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और चार अन्य घायल हो गए। यह हादसा इटियाथोक थाना क्षेत्र के रेहरा बेलवा बहुता गांव के पास सरयू नहर के पुल पर हुआ, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में सवार 15 लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सिहागांव से पृथ्वीनाथ मंदिर जल चढ़ाने और दर्शन के लिए जा रहे थे। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है, और प्रशासन ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। इटियाथोक, कोतवाली देहात, और धानेपुर थानों की पुलिस टीमें, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद चार लोगों तीन बच्चों और चालक को सुरक्षित निकाला, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों में छह महिलाएं, दो पुरुष, और तीन बच्चे शामिल हैं, जिनमें से नौ लोग एक ही परिवार से थे। मृतकों की पहचान बीना (35), काजल (22), मेहक उर्फ रिंकी (14), दुर्गेश नंदिनी (35), अनसूया (34), सौम्या (9), शुभ (7), अमित (14), संजू वर्मा, अंजू, और अनकीट के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शी राहुल वर्मा, जो इटियाथोक के निवासी हैं, ने बताया कि सुबह बारिश के कारण सड़क पर फिसलन थी। बोलेरो नहर के किनारे बनी सड़क पर तेज गति से चल रही थी, और जब चालक ने ब्रेक लगाया तो गाड़ी फिसलकर नहर में जा गिरी। ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से गाड़ी को बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को तुरंत सूचित किया। गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि हादसे में मृत 11 लोगों में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे, जिसमें प्रह्लाद गुप्ता की पत्नी, दो बेटियां, भाई रामकरण, उनकी पत्नी और दो बच्चे, और छोटे भाई राम रूप की पत्नी व बेटा शामिल हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोंडा के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गाड़ी में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार हादसे के प्रमुख कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, सुबह की बारिश ने सड़क को फिसलन भरा बना दिया था, जिससे चालक का नियंत्रण गाड़ी पर नहीं रहा। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। एक 10 वर्षीय बच्ची के लापता होने की सूचना थी, जिसका शव एसडीआरएफ की टीम ने सात घंटे बाद घटनास्थल से आठ किलोमीटर दूर बरामद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "गोंडा जिले में हुए दुखद हादसे में जानमाल की हानि अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकग्रस्त परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की सहायता की घोषणा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुए हादसे में जानमाल की हानि से गहरा दुख हुआ। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किए। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों से संपर्क साधा और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि गाड़ी में सवार लोग सिहागांव के प्रह्लाद गुप्ता के परिवार और उनके पड़ोसियों के थे, जो सावन के पवित्र महीने में पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। हादसे ने प्रह्लाद के छोटे भाई के पूरे परिवार को खत्म कर दिया, जिससे क्षेत्र में गम का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सरयू नहर का तेज बहाव और गहराई हादसे को और घातक बना गई। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य में हिस्सा लिया। एक ग्रामीण ने कहा, "हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई थी। हमने तुरंत रस्सियों और स्थानीय संसाधनों से गाड़ी को निकालने की कोशिश की, लेकिन गहराई और तेज बहाव ने बहुत मुश्किल पैदा की।" पुलिस और प्रशासन की समय पर कार्रवाई और ग्रामीणों की मदद से चार लोगों को बचाया जा सका।

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