Hardoi: सांसद जयप्रकाश रावत ने बताए MPLAD फंड से हुए विकास कार्य, फर्जी श्रेय पर दी चेतावनी
Hardoi में सांसद जयप्रकाश रावत ने MPLAD फंड से हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। कहा- फर्जी श्रेय लेना अब बंद होगा और देना होगा हिसाब। पूरी खबर पढ़ें।
हाइलाइट्स-
- बोले- आज कल वह पिल्ले के पिल्ले भी भौंकते है, जिनकी कोई औकात नहीं, तल्ख़ और बेबाक अंदाज में दिखे सांसद जयप्रकाश रावत
- कहा- पिछले 10 सालों में नगर पालिका द्वारा कराए गये सभी विकास कार्यों की हर स्तर से जांच होगी
- कहा कि अगर किसी भी विकास कार्य के पत्थर में मेरा नाम नहीं लिखा गया तो मैं उस पत्थर को खुद हथौड़े से तोड़ दूंगा
- बोले- विधायक और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इनका श्रेय लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
हरदोई : लोकसभा सांसद जयप्रकाश रावत ने एक बातचीत में अपने कार्यकाल में सांसद निधि से कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और स्थानीय विधायक व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पर इन कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब हर विकास कार्य पर सांसद का नाम लिखा पत्थर लगाया जाएगा, ताकि जनता को सही जानकारी मिले और कोई भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि पूरे प्रदेश में सबसे ख़राब जो दस नगर पालिकाएं हैं, उनमें हमारी एक नगर पालिका हरदोई भी है।
जिस तरह से यहाँ की सडकें जर्जर हैं, नालियां उफना रही हैं और चारों तरफ कूड़ों का ढेर लगा हुआ है, उससे महामारी फैलने की आशंका है। कई बार इसके बारे में नगर पालिका के ईओ और पालिका अध्यक्ष को बताया। तीन साल पहले नगर से कूड़ा हटाने के लिए शासन से मंजूर कराकर लगभग 5 करोड़ के पहले कूड़ाघर बनवाया था, वो अभी तक बंद पड़ा है। अभी डीएम से इस संबंध में बात हुयी तो उन्होंने कहा कि जल्द ही उस कूड़ाघर को चालू कराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस नगर को अव्यवस्थाओं से मुक्ति दिलाने के लिए पूरा प्रयास करता रहूंगा।
यहां की विकास योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री से मैं तीन बार मिला हूं। जिस पर उन्होंने पूरा आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी विकास कार्य के पत्थर में मेरा नाम नहीं लिखा गया तो मैं उस पत्थर को खुद हथौड़े से तोड़ दूंगा। तल्ख़ लहजे और बेबाक अंदाज में उन्होंने कहा कि जो लोग पैदा भी नहीं हुए थे, तब हम सांसद थे। आज कल वह पिल्ले के पिल्ले भी भौंकते है, जिनकी कोई औकात नहीं। उन्होंने आगे कहा कि कुत्ते भी थोड़ा ठीक हैं, जब बुलडॉग़, डावरमैन, पिटबुल, रॉटबिलर, आदि हाथी पर भौंकते हैं तो लगता है कि कुत्ते हाथी पर भौंकते है और हाथी अपनी चाल चलता रहता है। सूप तो सूप बोले, चलनी भी बोले, जिसमें 72 छेंद। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को लाइट के लिए लगभग 52 लाख रूपये दिए गए थे, उसका कोई लेखा- जोखा नगरपालिका ने नहीं दिया। नगर पालिका द्वारा 10 सालों में कराए गये सभी विकास कार्यों की जांच कई स्तरों से की जाएगी।
रावत ने बताया कि अटल ज्योति योजना के तहत 52.5 लाख रुपये की लागत से एलईडी सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं। कोरोना काल में 20.36 लाख रुपये के चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए। मोहल्ला आजाद नगर में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए 25 लाख रुपये, श्री चंद्र पब्लिक इंटर कॉलेज, राजपुर में कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, श्रवण देवी मंदिर परिसर में प्रकाश व्यवस्था के लिए 8.35 लाख रुपये खर्च किए गए।
इसके अलावा, नगर पालिका परिषद के विभिन्न वार्डों में 340 नाइट लाइट्स के लिए 41.62 लाख रुपये, बार एसोसिएशन में कक्ष और प्रसारण निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, मुकद्दर और मानसिक मंदिर में दिव्यांगों के लिए 16.5 लाख रुपये की मशीनें, ग्राम आशा में इंटरलॉकिंग रोड और नाली निर्माण, तथा नुमाइश मैदान में 20 लाख रुपये की लाइटिंग व्यवस्था कराई गई।
हरदोई विधानसभा में सोलर स्ट्रीट लाइटिंग के लिए 45 लाख रुपये और हाई मास्ट लाइटिंग के लिए 2.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए। रावत ने कहा कि ये सभी कार्य सांसद निधि से कराए गए, लेकिन विधायक और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इनका श्रेय लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्य तो होने चाहिए, लेकिन यह गलत है कि कार्य कोई और करे और श्रेय कोई और ले। उन्होंने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष से जवाबदेही की मांग की और कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा।
श्री रावत के बयान से हरदोई की राजनीति में तनाव बढ़ता दिख रहा है। सांसद, विधायक और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। रावत ने स्पष्ट किया कि अब हर विकास कार्य में सांसद के निर्देश और नाम की जानकारी साफ-साफ दी जाएगी, ताकि जनता को सही जिम्मेदार का पता चले और पारदर्शिता बनी रहे।
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