ओडिशा में बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर की हत्या के बाद इल्तिजा मुफ्ती का विवादित 'लिंचिस्तान' बयान, बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया। 

ओडिशा के संबलपुर जिले में 24 दिसंबर 2025 को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक 19 वर्षीय बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर जुएल शेख की हत्या

Dec 27, 2025 - 13:01
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ओडिशा में बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर की हत्या के बाद इल्तिजा मुफ्ती का विवादित 'लिंचिस्तान' बयान, बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया। 
ओडिशा में बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर की हत्या के बाद इल्तिजा मुफ्ती का विवादित 'लिंचिस्तान' बयान, बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया। 

ओडिशा के संबलपुर जिले में 24 दिसंबर 2025 को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक 19 वर्षीय बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर जुएल शेख की हत्या हो गई। यह घटना शांति नगर इलाके में एक निर्माण स्थल पर हुई जहां जुएल शेख और अन्य प्रवासी मजदूर काम कर रहे थे। जुएल शेख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के चकबहादुरपुर गांव से मजदूरी करने के लिए ओडिशा आए थे। घटना के दौरान छह युवक मजदूरों के पास पहुंचे और पहले बीड़ी मांगी। इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड दिखाने की मांग की और आधार कार्ड न दिखाने पर हमला कर दिया। हमले में जुएल शेख का सिर एक कठोर वस्तु से टकराया गया जिससे उनकी मौत हो गई। अन्य मजदूर भी घायल हुए। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला बीड़ी को लेकर हुई झड़प का परिणाम है और इसमें धार्मिक या राष्ट्रीयता से कोई संबंध नहीं है। उत्तरी रेंज के आईजीपी हिमांशु कुमार लाल ने स्पष्ट किया कि घटना का बंगाली या बांग्लादेशी होने से कोई लेना-देना नहीं है। घटना के एक दिन बाद 26 दिसंबर 2025 को पीडीपी नेता मेहबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने भारत को लिंचिस्तान कहा। इल्तिजा मुफ्ती ने जुएल शेख की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "ना इंडिया, ना भारत, ना हिन्दुस्तान, तेरा नाम है लिंचिस्तान।" अंग्रेजी में यह पोस्ट "नॉट इंडिया ऑर भारत नॉर हिन्दुस्तान, थाई नेम इज लिंचिस्तान" के रूप में थी। इस पोस्ट ने विवाद खड़ा कर दिया। इल्तिजा मुफ्ती का यह बयान ओडिशा में हुई हत्या के संदर्भ में था जहां मजदूरों पर बांग्लादेशी होने का संदेह किया गया था।

बीजेपी ने इल्तिजा मुफ्ती के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता अभिजीत जसरोतिया ने कहा कि इल्तिजा मुफ्ती केवल मुस्लिम समुदाय से जुड़े मामलों को उठाती हैं जबकि हिंदुओं से जुड़े मामलों पर चुप रहती हैं। उन्होंने इसे चयनात्मक गुस्सा बताया। इस बयान ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया। घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, जुएल शेख और उनके साथी मजदूर निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे जब छह व्यक्ति उनके पास आए। पहले उन्होंने बीड़ी मांगी और फिर आधार कार्ड की मांग की। मजदूरों ने बताया कि हमलावरों को संदेह था कि वे बांग्लादेशी हैं। एक घायल मजदूर मझार खान ने बताया कि हमलावरों ने पहले बीड़ी मांगी, फिर आधार कार्ड दिखाने को कहा और उसके बाद हिंसा शुरू कर दी। मझार खान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से हैं। उन्होंने कहा कि जुएल शेख का सिर दीवार पर मारा गया जिससे उनकी मौत हुई। अन्य घायल मजदूरों में अकिर शेख और पलाश शेख शामिल हैं।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आईजीपी हिमांशु कुमार लाल ने कहा कि जांच में पाया गया कि झड़प बीड़ी को लेकर शुरू हुई और इसमें कोई धार्मिक कोण नहीं है। पुलिस ने कहा कि मजदूर पश्चिम बंगाल से थे और निर्माण कार्य में लगे हुए थे। घटना के बाद जुएल शेख को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शव को पोस्टमार्टम के बाद 26 दिसंबर को उनके गांव पहुंचाया गया। इल्तिजा मुफ्ती के पोस्ट ने इस घटना को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिलाया। उनका बयान लिंचिंग की घटनाओं के संदर्भ में था जहां मजदूर की पहचान पर सवाल उठाए गए थे। पोस्ट में जुएल शेख की तस्वीर भी साझा की गई थी। बीजेपी की प्रतिक्रिया में कहा गया कि ऐसे बयान चयनात्मक हैं। ओडिशा पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह संबलपुर जिले के शांति नगर क्षेत्र में हुई। मजदूर हाल ही में ओडिशा आए थे और निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। हमलावर स्थानीय थे और झड़प में शामिल हुए। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जुएल शेख की मौत के बाद उनके परिवार को सूचना दी गई। उनके चाचा पल्टू शेख ने बताया कि जुएल को अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। परिवार ने घटना को दुखद बताया। शव को गांव लाने के बाद अंतिम संस्कार किया गया।

इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। मजदूर पश्चिम बंगाल से ओडिशा मजदूरी के लिए आए थे। पुलिस ने कहा कि हमलावरों ने आधार कार्ड की मांग की लेकिन मामला बीड़ी से जुड़ा था। इल्तिजा मुफ्ती का बयान 26 दिसंबर को आया जब घटना की खबरें फैलीं। उनका पोस्ट एक्स पर वायरल हुआ। बीजेपी ने इसे राजनीतिक बताया। अभिजीत जसरोतिया ने कहा कि इल्तिजा मुफ्ती मुस्लिमों की लिंचिंग पर बोलती हैं लेकिन हिंदुओं की घटनाओं पर नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना में कोई बांग्लादेशी कोण नहीं है। मजदूर भारतीय थे और उनके दस्तावेज वैध थे। आईजीपी ने कहा कि जांच में सभी तथ्य सामने आएंगे। घटना के गवाह मझार खान ने विस्तार से बताया कि हमलावरों ने पहले बीड़ी मांगी फिर आधार कार्ड की मांग की और हिंसा की। उन्होंने कहा कि हमला अचानक हुआ और जुएल शेख को बचाने की कोशिश की गई लेकिन नहीं बच सका।

ओडिशा में यह घटना क्रिसमस की पूर्व संध्या पर हुई जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव हुआ। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। जुएल शेख की उम्र 19 वर्ष बताई गई है और वे मुर्शिदाबाद से थे। उनके साथ अन्य मजदूर भी घायल हुए जिनका इलाज किया गया। इल्तिजा मुफ्ती के बयान ने बहस छेड़ दी। उनका पोस्ट लिंचिंग की घटनाओं पर केंद्रित था। बीजेपी ने प्रतिक्रिया में चयनात्मकता का आरोप लगाया। पुलिस ने कहा कि सभी आरोपी गिरफ्तार हैं और मामले की जांच चल रही है। घटना का वीडियो या अन्य सबूत जांच में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जुएल शेख की मौत से उनके परिवार में शोक है। वे मजदूरी से परिवार चलाते थे। शव को गांव लाया गया और अंतिम संस्कार हुआ। इस घटना ने प्रवासी मजदूरों के लिए पहचान संबंधी मुद्दों को उजागर किया। पुलिस ने कहा कि मजदूरों के दस्तावेज जांचे गए और वे वैध पाए गए।

इल्तिजा मुफ्ती का पोस्ट घटना के एक दिन बाद आया और इसमें देश को लिंचिस्तान कहा गया। यह बयान राजनीतिक दलों के बीच विवाद का कारण बना। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे बयान से देश की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने इल्तिजा मुफ्ती के चयन पर सवाल उठाए। पुलिस ने घटना को व्यक्तिगत झड़प बताया और कोई सांप्रदायिक कोण नकारा। आईजीपी ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। मझार खान ने बताया कि हमला सामने हुआ और जुएल शेख की मौत हो गई। अन्य मजदूरों को भी चोटें आईं। ओडिशा पुलिस ने कहा कि संबलपुर में स्थिति नियंत्रण में है। घटना के बाद कोई आगे की हिंसा नहीं हुई। जुएल शेख की हत्या ने राष्ट्रीय ध्यान खींचा। इल्तिजा मुफ्ती के बयान से विवाद बढ़ा। बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी कि इल्तिजा मुफ्ती केवल एक समुदाय के मामलों पर बोलती हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।

घटना क्रिसमस ईव पर हुई और अगले दिन खबरें आईं। 26 दिसंबर को शव गांव पहुंचा। इल्तिजा मुफ्ती ने पोस्ट में जुएल शेख की तस्वीर साझा की। बयान में लिंचिस्तान शब्द इस्तेमाल किया गया। यह घटना प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है। पुलिस ने कहा कि मजदूर भारतीय थे। बीजेपी की प्रतिक्रिया में चयनात्मक गुस्से का जिक्र किया गया। पुलिस ने कहा कि हमलावर स्थानीय थे और झड़प बीड़ी से शुरू हुई। मझार खान का बयान घटना का मुख्य स्रोत है। उन्होंने हमले का विवरण दिया। ओडिशा में यह घटना संबलपुर के निर्माण स्थल पर हुई। मजदूर हाल ही में आए थे। जुएल शेख की मौत अस्पताल में घोषित हुई। पोस्टमार्टम किया गया। इल्तिजा मुफ्ती का बयान सोशल मीडिया पर आया और विवाद हुआ। बीजेपी ने कहा कि ऐसे बयान अनुचित हैं। पुलिस ने जांच में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए। घटना ने राजनीतिक बहस छेड़ दी। इल्तिजा मुफ्ती के पोस्ट से शुरू हुआ विवाद जारी है।

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