Maha Kumbh 2025: भारत सेवाश्रम संघ के शिविर पहुंचे CM Yogi, विभिन्न संप्रदायों से जुड़े संतों से की मुलाकात

CM Yogi ने महाकुम्भ में सनातन को आगे ले जाने के लिए निरन्तर प्रयत्नशील विभिन्न सम्प्रदायों के साधु संतों के साथ सामुदायिक और गरीबों की सेवा में लगे धार्मिक और आध्यात्मिक...

Feb 1, 2025 - 21:27
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 Maha Kumbh 2025: भारत सेवाश्रम संघ के शिविर पहुंचे CM Yogi, विभिन्न संप्रदायों से जुड़े संतों से की मुलाकात

सार-

  • निस्वार्थ भाव से श्रद्धालुओं की सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा भारत सेवाश्रम: CM Yogi
  • संतों ने संघ द्वारा महाकुम्भ में किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों की जानकारी CM से की साझा

By INA News Maha Kumbh Nagar.

प्रयागराज दौरे पर CM Yogi महाकुम्भ नगर के सेक्टर 5 स्थित भारत सेवाश्रम के शिविर गए, जहां उन्होंने सेवाश्रम के साधु संतों से मुलाकात की। साधु संतों ने महाकुम्भ में उनके द्वारा किए जा रहे सामुदायिक और सेवा के कार्यों की जानकारी भी CM से साझा की।CM ने कहा कि भारत सेवाश्रम सौ से अधिक वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाज में सेवा का कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गुरु स्वामी अवैद्यनाथ और भारत सेवाश्रम के संत स्वामी असीमानंद जी ने साथ साथ समाज सेवा का लंबा समय बिताया था। 

  • भारत सेवाश्रम के संतों से मिले CM Yogi

CM Yogi ने महाकुम्भ में सनातन को आगे ले जाने के लिए निरन्तर प्रयत्नशील विभिन्न सम्प्रदायों के साधु संतों के साथ सामुदायिक और गरीबों की सेवा में लगे धार्मिक और आध्यात्मिक संगठनों से भी मुलाकात की।आयोजन की अगुवाई कर रहे भारत सेवाश्रम के स्वामी आत्मजानंद का कहना है कि मुख्य मंत्री ने शिविर में भारत सेवाश्रम के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और उनकी आरती भी की। इस अवसर पर CM ने वहां मौजूद साधु संतों से बातचीत भी । 

  • भारत सेवाश्रम का संगम भूमि से है गहरा संबंध

CM Yogi के शिविर आगमन पर भारत सेवाश्रम के संतों ने महा कुम्भ में उनके धार्मिक संगठन द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी भी साझा की। भारत सेवाश्रम के महा कुम्भ प्रभारी स्वामी भास्करानंद ने बताया कि भारत सेवाश्रम मानव सेवा के साथ नारायण सेवा का कार्य करने वाला एक हिंदू धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन है जो मानवीय कार्यों पर केंद्रित है।1917 में इसकी स्थापना करने वाले पंडित संत आचार्य स्वामी प्रणवानंद महाराज ने माघ के महीने में इसी संगम के किनारे संन्यास लिया था। इसलिए इस संगम की धरती और महाकुम्भ इस आध्यात्मिक संगठन से खास संबंध है। स्वामी प्रणवानंद जी ने माघी पूर्णिमा के ही दिन संगठन की नींव रखी और उसका नाम रखा भारत सेवाश्रम संघ रखा गया।

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