Maha Kumbh 2025: दिव्य-भव्य महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आकर्षण का केंद्र रहा डिजिटल एक्सपीरियेंस सेंटर
तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ (Maha Kumbh) में अब तक 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं जो कि सनातन संस्कृति के प्रति
सार-
- महाकुम्भ (Maha Kumbh) में 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया डिजिटल अनुभूति केंद्र का आनंद
- महामहिम राष्ट्रपति समेत कई गणमान्य अतिथि बने डिजिटल अनुभूति केंद्र के साक्षी
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल अनुभूति केंद्र को आस्था और आधुनिकता का संगम करार दिया
- डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) का साकार रूप बन कर उभरा डिजिटल अनुभूति केंद्र
By INA News Maha Kumbh Nagar.
आस्था और आध्यात्म के महापर्व, महाकुम्भ (Maha Kumbh) को सीएम योगी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से इस वर्ष दिव्य-भव्य के साथ डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) के तौर पर भी विकसित किया गया। इस क्रम में मेला क्षेत्र के सेक्टर-4 में बना डिजिटल अनुभूति केंद्र, डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) का साकार रूप बना। डिजिटल अनुभूति केंद्र ने महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आने वाले श्रद्धालुओं को एआई, वर्चुअल रिएलिटी और होलोग्राम की आधुनिकतम तकनीकि से सनातन आस्था की प्राचीनतम पौराणिक गाथाओं और मान्यताओं से परिचित करवाया। डिजिटल अनुभूति केंद्र ने विशेष रूप से युवा और विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया। महाकुम्भ (Maha Kumbh) के दौरान महामहिम राष्ट्रपति, भूटान नरेश समेत अब तक लगभग 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु डिजिटल अनुभूति केंद्र के साक्षी बने।
- 3.5 लाख दर्शकों से हुई 1.75 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति
तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ (Maha Kumbh) में अब तक 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं जो कि सनातन संस्कृति के प्रति आस्था के सतत प्रवाह का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऐसे में सीएम योगी की प्रेरणा से मेला क्षेत्र के सेक्टर-4 में बना डिजिटल अनुभूति केंद्र आस्था और आधुनिकता के अद्भुत संगम के तौर पर उभरा।
Also Read: स्वच्छता के जननायक थे संत गाडगे, उनकी प्रेरणा हमारा मार्गदर्शन करती है: CM योगी आदित्यनाथ
डिजिटल अनुभूति केंद्र महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विशेष केंद्र साबित हुआ। महाकुम्भ (Maha Kumbh) के दौरान डिजिटल अनुभूति केंद्र में अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों ने महाकुम्भ (Maha Kumbh) और सनातन संस्कृत के महात्म का आधुनिक तकनीकि के जरिये दिव्य भव्य नजारा देखा। यही नहीं अनुभूति केंद्र से लगभग 1.75 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति भी हुई। युवा पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों को देश की प्रचीन सनातन संस्कृति से परिचित करवाने में डिजिटल अनुभूति केंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- महामहिम राष्ट्रपति ने सराहा डिजिटल अनुभूति केंद्र के प्रयास को
महाकुम्भ (Maha Kumbh) के दौरान महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्य के विशेष अतिथि भूटान नरेश जिग्मे खेसर नाम्ग्याल ने भी डिजिटल अनुभूति केंद्र का अनुभव लिया और इसे सराहा। 12 वीथियों में बना डिजीटल अनुभूति केंद्र ने एआई, वीआर और होलोग्राम जैसी आधुनिकतम तकनीक के जरिये महाकुम्भ (Maha Kumbh), समुद्र मंथन, यमुना नदी, प्रयाग महात्म की पौराणिक कथाओं को दिव्य भव्य तरीके से प्रस्तुत किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 जरवरी को अनुभूति केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर इसे आस्था और आधुनिकता का संगम कहा था।
उन्होंने कहा कि महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आने वाली हमारी भावी पीढ़ी को अनुभूति केंद्र का अनुभव अवश्य लेना चाहिए। इसमें उन्हें प्राचीन भारत की गौरवशाली परंपरा की झलक मिलेगी, इसके माध्यम से वे सनातन संस्कृति के प्रति अपनी समझ और आस्था को और बढ़ा सकेंगे। डिजिटल अनूभूति केंद्र सीएम योगी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरा और लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को दिव्य-भव्य महाकुम्भ (Maha Kumbh) का अनुभव प्रदान किया।
What's Your Reaction?











