Mussoorie: मसूरी में मॉक ड्रिल ‘गोल्डन आवर’ बचाने का रियल टाइम अभ्यास।
मसूरी के व्यस्त लाइब्रेरी चौक के पास बुधवार को अचानक सायरनों की गूंज और अफरा-तफरी ने लोगों को चौंका दिया। खाई में वाहन गिरने की
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी के व्यस्त लाइब्रेरी चौक के पास बुधवार को अचानक सायरनों की गूंज और अफरा-तफरी ने लोगों को चौंका दिया। खाई में वाहन गिरने की सूचना पर कुछ ही मिनटों में रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। हालांकि यह असली हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मॉक ड्रिल थी, जिसका मकसद आपदा के समय हर सेकंड की अहमियत को समझना था। कैपटी टैक्सी स्टैंड पर आयोजित इस अभ्यास में प्रशासन, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग समेत कई एजेंसियों ने मिलकर ‘रियल टाइम’ रेस्क्यू का प्रदर्शन किया। भूस्खलन से वाहन गिरने के सीन में फंसे घायलों को तकनीकी उपकरणों की मदद से खाई से निकाला गया और मौके पर प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया।
ड्रिल में सबसे ज्यादा फोकस ‘रिस्पॉन्स टाइम’ पर रहा। पुलिस ने भीड़ और ट्रैफिक संभाला, जबकि अन्य टीमों ने अपने-अपने दायित्वों को तेजी से निभाया। साथ ही संभावित खतरे वाले मकानों की पहचान और उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। लोक निर्माण विभाग ने भूस्खलन की स्थिति का आकलन कर सड़कों और ढलानों को सुरक्षित बनाने के उपायों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। संदेश साफ है आपदा के समय तेजी, तकनीक और टीमवर्क ही जीवन बचाने की कुंजी है।
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