Uttarakhand News: माइनिंग कंपनी के विरोध में हजारों की संख्या में खनन ट्रांसपोर्टरो का उमडा जनसैलाब भीड़ को देखकर प्रशासन हो गया अलर्ट।
एसडीम कुलविंदर सिंह किन्दा के साथ खनन ट्रांसपोर्टरो एवं माइनिग बालों को साथ लेकर करेंगे शाम को वार्ता...
रिपोर्टर: आमिर हुसैन
उत्तराखंड
बाजपुर/ उधमसिंह नगर: उत्तराखंड से माइनिग को हटाने एवं सात सूत्रीय मांगों को लेकर लगभग तीन चार हजार खनन ट्रांसपोर्टरो ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान कुलविंदर सिंह किन्दा के नेतृत्व में मंडी परिसर से शहर में जुलूस निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी को सौपकर पर कार्रवाई करने की मांग की।
खनन ट्रांसपोर्टरो की भीड़ ने प्रशासन को हिला कर रख दिया।प्रशासन को भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा।वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान कुलविंदर सिंह किंदा ने कहा था खनन ट्रांसपोर्टर हजारों की संख्या में एकत्र होंगे और उनकी अगुवाई में खनन ट्रांसपोर्टों ने एकत्र होकर दिखा दिया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा माइनिग को भगाना है उत्तराखंड को बचाना है।
उन्होंने कहा मुझ पर प्रशासन ने बहुत दबाव बनाया और मुझे धमकाया कि तुम्हारे मुकदमे खोल देंगे लेकिन मैंने खनन ट्रांसपोर्टरो को लेकर अपनी बात पर अड़ा रहा मैं अपनी जिंदगी की जी चुका हूं मुझे अपनी कोई परवाह नहीं मैं अपने लोगों के लिए जी रहा हूं मेरे लिए मेरे क्षेत्र के लोग मेरे राज्य के लोग मेरे अपने हैं मैं उनका उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा।उन्होंने कहा प्रशासन ने आज शाम तक का समय मांगा है जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो 25 अक्टूबर को इससे भी बड़ा आंदोलन करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा है कि इस माइनिंग कंपनी के गुंडागर्दी की वजह से आज खनन ट्रांसपोर्टरो के वाहन उनके घरों पर खड़े हैं छह माह से अपनी वाहनों की किस्तें भी जमा नहीं कर पा रहे हैं।सभी खनन करने वाले लोग आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री मेरे छोटे भाई हैं मैं उनसे चाहता हूं कि वह जनता के हित में काम करें जिस जनता ने उन्हें जिताया है उसका भला करें।
कुलविंदर सिंह किंदा ने कहा किसानों के खेत की मिट्टी को माइनिग से मुक्त करें। किसान के खेत की मिट्टी की रॉयल्टी का शुल्क कम और पहले के भाती करें। किसान के खेत की मिट्टी 100 से लेकर 500 घन मीटर तक तहसील एवं उप जिलाधिकारी के स्तर पर परमिशन दी जाए। उत्तराखंड सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश राज्य के किसानो के खेत की मिट्टी पर उत्तराखंड आने पर कोई शुल्क और कोई रोक नहीं होनी चाहिए। माइनिंग कंपनी द्वारा आरबीएम पर कोई रोक ना लगाई जाए। माइनिंग कंपनी अपने चेक पोस्ट पर ही खनन के वाहनों की रॉयल्टी चेकिंग करें तथा गली मोहल्ले में न जाए और बैलगाड़ी वालों को परेशान ना करें। उन्होंने कहा यह सात सूत्रीय मांगे हमने मुख्यमंत्री को भेजी है इस पर सहमति बनती है तो सही रहेगा। शाम को प्रशासन के साथ हमारी एवं माइनिंग कंपनी के लोगों के साथ वार्ता होनी है।
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भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने संबोधित करते हुए कहा भाजपा सरकार ने राज्य का खनन बेचकर जनता को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।माइनिग को भगाने के लिए राज्य के सभी खनन ट्रांसपोर्टर को एकजुट होना पड़ेगा यह ईस्ट कंपनी अंग्रेजों से भी खतरनाक है।इसको नहीं भगाया तो यह लूट कर ले जाएंगे।भाकियू के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष विक्की रंधावा ने संबोधित करते हुए कहां यह खनन ट्रांसपोर्ट की रोजी-रोटी का सवाल है इसके साथ व्यापारी भी जुड़े हैं और सभी को इस लड़ाई को एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा उत्तराखंड राज्य से माइनिग को भगाकर ही दम लेंगे।
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