Noida Voilence : डीजीपी ने संभाली कमान- साजिश रचने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, उपद्रवियों को देखते ही सख्त कार्रवाई के निर्देश, सुरक्षा घेरे में नोएडा

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। कालिंदी कुंज और चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन तलाशी ली जा

Apr 13, 2026 - 23:53
Apr 14, 2026 - 00:15
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Noida Voilence : डीजीपी ने संभाली कमान- साजिश रचने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, उपद्रवियों को देखते ही सख्त कार्रवाई के निर्देश, सुरक्षा घेरे में नोएडा
Noida Voilence : डीजीपी ने संभाली कमान- साजिश रचने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, उपद्रवियों को देखते ही सख्त कार्रवाई के निर्देश, सुरक्षा घेरे में नोएडा
  • नोएडा में श्रमिक असंतोष बना रणक्षेत्र: भारी हिंसा और आगजनी के बाद पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट
  • योगी सरकार का कड़ा रुख: हिंसा की साजिश रचने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, हाई-लेवल कमेटी ने तेज की जांच की रफ्तार

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में सोमवार को भड़की हिंसा ने अब एक अत्यंत गंभीर और विस्फोटक रूप ले लिया है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नोएडा और आसपास के जिलों के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। डीजीपी मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी अधिकारियों को फील्ड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। शहर के फेज-2, होजरी कॉम्प्लेक्स और सेक्टर 60 जैसे संवेदनशील इलाकों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की और तोड़फोड़ या आगजनी को रोका जा सके।

हिंसा की शुरुआत तब हुई जब हजारों की संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए और उन्होंने औद्योगिक संपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। अब तक की रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई है और उपद्रवियों ने 150 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। डीजीपी ने नोएडा पुलिस कमिश्नर से पल-पल की रिपोर्ट मांगी है और स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अराजक तत्वों ने प्रवेश कर लिया है जो शहर की शांति को अस्थिर करना चाहते हैं। नोएडा पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम उन वीडियो फुटेज की जांच कर रही है जिसमें लोग पेट्रोल बम और पत्थरों का इस्तेमाल करते देखे गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इस हिंसा को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी कुछ असामाजिक तत्व बुलाए गए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसने अपनी जांच के दायरे को और विस्तृत कर दिया है। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि इस पूरी हिंसा का ताना-बाना 7 मुख्य व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए बुना गया था। इन ग्रुपों में न केवल भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही थीं, बल्कि यह भी बताया जा रहा था कि किन-किन फैक्ट्रियों और शोरूमों को निशाना बनाना है। पुलिस अब इन ग्रुपों के एडमिन्स और संदेश भेजने वाले मुख्य संदिग्धों की कुंडली खंगाल रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जिन लोगों ने इस साजिश को रचा है, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है, ताकि भविष्य में कोई भी औद्योगिक शांति से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

औद्योगिक क्षेत्रों में काम पूरी तरह से ठप हो गया है और उद्यमियों के बीच भय का माहौल व्याप्त है। फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रुपये का निवेश किया है, लेकिन इस तरह की हिंसा से उनकी कमर टूट गई है। दूसरी ओर, श्रमिक संगठनों का तर्क है कि हरियाणा में हाल ही में हुई वेतन वृद्धि के बाद नोएडा में भी वेतन बढ़ाने की मांग जायज थी, लेकिन वे हिंसा का समर्थन नहीं करते। प्रशासन अब इन दोनों पक्षों के बीच की खाई को पाटने की कोशिश कर रहा है। हाई-लेवल कमेटी के सदस्यों ने फैक्ट्रियों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया है और वे जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। इसमें न केवल नुकसान की भरपाई बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने के सुझाव भी शामिल होंगे। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। कालिंदी कुंज और चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। नोएडा के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) को और सक्रिय करें ताकि किसी भी संभावित जुटान की जानकारी समय रहते मिल सके। डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिया है कि ड्रोन के माध्यम से उन छतों और गलियों की निगरानी की जाए जहां पत्थर या आपत्तिजनक सामग्री जमा होने की सूचना है। पुलिस की सोशल मीडिया सेल भी सक्रिय है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाले हैंडल्स पर नजर रखी जा रही है।

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