Pahalgam Attack: नकली वर्दी में आये और 26 लोगों की ह्त्या कर डाली, कलमा पढने को कहा और बोले- मोदी को सिर पर चढ़ा रखा है
टीआरएफ, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) का सहयोगी संगठन है। पाकिस्तान में बैठा शेख सज्जाद गुल टीआरएफ का प्रमुख है। टीआरएफ की कहानी 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के ....
Terrorist Attack In Pahalgam.
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के लोकप्रिय पर्यटक स्थल पहलगाम (Pahalgam) में 22 अप्रैल 2025 को हुए एक भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), जो लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) का सहयोगी माना जाता है, ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला बैसरन घाटी के ऊपरी इलाकों में हुआ, जहां आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की।
इस घटना ने कश्मीर घाटी में पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब जब अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। बायसरन घाटी के घने जंगलों से आए आतंकियों ने अलग-अलग राज्यों से आए पर्यटकों पर गोलियां बरसा दीं। श्रीनगर से 90 किलोमीटर की दूरी पर है पहलगाम (Pahalgam)। यहां से छह किलोमीटर दूर है बायसरन घाटी, जहां पहुंचने में 30 मिनट का वक्त लगता है। इस जगह को 'मिनी स्विट्जरलैंड' भी कहा जाता है। यहां घास के मैदान हैं। एक तरफ देवदार के घने जंगल हैं।
यहां पर्यटक तुलियन झील तक ट्रैकिंग करने के लिए भी आते हैं। यहां पैदल रास्ते या खच्चरों पर बैठकर ही आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहीं पर हमला हुआ। यहां अलग-अलग राज्यों के पर्यटक और विदेशी सैलानी मौजूद थे। घटनास्थल पर खानपान के कुछ ठिकाने बने हुए हैं। कुछ पर्यटक वहां भेलपुरी खा रहे थे। कुछ पर्यटक खच्चरों के जरिए आवाजाही कर रहे थे। कुछ मैदान में बैठकर पिकनिक कर रहे थे। आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
टीआरएफ, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) का सहयोगी संगठन है। पाकिस्तान में बैठा शेख सज्जाद गुल टीआरएफ का प्रमुख है। टीआरएफ की कहानी 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के साथ ही शुरू होती है। कहा जाता है कि इस हमले से पहले ही इस आतंकी संगठन ने घाटी के अंदर अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। जम्मू कश्मीर में हाल ही में 85 हजार से अधिक डोमिसाइल जारी किए गए हैं। टीआरएफ यह कहकर लोगों को भड़का रहा है कि ये डोमिसाइल स्थानीय लोगों को नहीं, बल्कि बाहरी लोगों को प्रदान किए गए हैं। जहां हमला हुआ, वहां पैदल रास्ते या खच्चरों के जरिए ही पहुंचा जा सकता है।
जब तक सुरक्षा बल मौके पर पहुंचते, आतंकी कई पर्यटकों की हत्या कर पहाड़ियों की तरफ भाग निकले। उनके मारे जाने या पकड़े जाने की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर तीन बजे जंगल के रास्ते सेना की वर्दी में आतंकी आए और उन्होंने पर्यटकों से परिचय-पत्र मांगना शुरू कर दिया। परिचय-पत्र से उन्होंने पर्यटकों का मजहब जाना। बताया जा रहा है कि जो पर्यटक हिंदू थे, आतंकियों ने उन्हें गोलियां मारनी शुरू कर दीं। हालांकि, मरने वालों में कुछ विदेशी भी हैं।
स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों ने पेड़ों के पीछे जाकर अपनी जान बचाई। घटनास्थल पर आतंकी देवदार के घने जंगलों के रास्ते आए थे। जानकारी के मुताबिक, यह माना जा रहा है कि आतंकी किश्तवाड़ के रास्ते आए और फिर कोकरनाग के जरिए दक्षिण कश्मीर के बायसरन पहुंचे। कुछ लोगों ने आतंकियों की संख्या पांच बताई है।
इस आतंकी हमले में यूपी स्थित कानपुर निवासी की भी मौत हो गई है। कानपुर के श्याम नगर में रहने वाला संजय संजय द्विवेद सीमेंट कारोबारी को भी गोली लगी और उनका निधन हो गया। जानकारी के अनुसार कानपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र के चकेरी निवासी और सीमेंट कारोबारी संजय द्विवेदी के बेटे शुभम द्विवेदी की जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में मौत हो गई।
शुभम 18 अप्रैल को परिवार के साथ घूमने के लिए जम्मू-कश्मीर गया था। शादी के बाद यह उनका पहला पारिवारिक टूर था।शुभम की शादी फरवरी में ही हुई थी। शुभम को आतंकवादियों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर जैसे ही कानपुर में उनके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई और हर आंख नम हो गई।
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पापा को 3 गोलियां मारीं और कलमा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बताया कि 'आतंकियों ने हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। उन्होंने कलमा पढ़ने के लिए भी कहा और गोली चला दी। यह घटना पहलगाम (Pahalgam) में उस जगह हुई जिसे मिनी स्विटजरलैंड कहा जाता है और पर्यटकों के लिए यह पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां खुला पहाड़ी मैदान है और घाटी के खूबसूरत नजारे का दीदार होता है, लेकिन मंगलवार को यह खून-खून हो गया।
एक पीड़ित ने बताया कि मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं। मेरे चाचा को भी गोली मारी गई। हम टेंट के पीछे छिपे हुए थे। जो लोग लोकल थे उन्होंने उन्हें डराया, उनको देखकर हम डर गए और हमने भी कलमा पढ़ा और हम वहां से भागकर दूर पहुंचे और घोड़ों से भागकर अपनी जान बचाई।' आतंकियों ने बिल्कुल मुंबई के 26/11 वाले अंदाज में हमला किया था।
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लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी
महाराष्ट्र के पुणे से पहलगाम (Pahalgam) घूमने आईं आसावरी ने आजतक से कहा कि, 'आतंकी लोकल पुलिस की वर्दी में थे और मास्क भी पहने हुए थे। उन्होंने बताया, 'हमलावरों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया और खास तौर पर हिंदुओं से जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश की। जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी गई।
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तुम लोगों ने मोदी को सिर पर चढ़ा रखा है
पीड़ित ने आगे बताया, "आतंकियों ने हमें 'मोदी जी के नाम पर धमकाया और कहा कि 'तुम लोगों ने मोदी को सिर पर चढ़ा रखा है, उसकी वजह से हमारा मजहब खतरे में है। घटनास्थल पर 50 से अधिक लोग मौजूद थे। घटना के बाद सेना ने लोगों को रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया। कुछ स्थानीय लोगों ने भी मदद की, जिसके कारण हम लोग सुरक्षित नीचे आ सके। हालांकि, उनके पिता और चाचा की स्थिति के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले के दौरान नागपुर का एक परिवार मौके पर मौजूद था। गोलियों की आवाज सुनकर वे घबराकर पहाड़ से कूद गए, इस दौरान पैर फिसलने से सिमरन रुपचंदानी घायल हो गईं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है। तिलक और गर्व रुपचंदानी भी उनके साथ थे। तीनों सुरक्षित हैं। उनसे संपर्क कर लिया गया है और उन्हें सभी जरूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है।
पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों में से एक की पहचान सेंट्रल रेलवे के परेल वर्कशॉप के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अतुल मोने के रूप में हुई है। सेंट्रल रेलवे ने पुष्टि की है कि मोने उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने आज पहले पहलगाम (Pahalgam) को झकझोर देने वाले हमले में अपनी जान गंवाई।
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सबसे बड़ा आतंकी हमला (Terrorist Attack)
बीते दो दशक में यह कश्मीर में पर्यटकों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला (Terrorist Attack) है। इससे पूर्व 26 मई 2006 को श्रीनगर के जकूरा इलाके में एक आतंकी हमले गुजरात के चार पर्यटकों क मौत हो गई थी। पहलगाम (Pahalgam) में श्री अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान छह अगस्त 2002 को आतंकियों ने नुनवन पहलगाम (Pahalgam) में हमला किया था।
इस हमले में छह श्रद्धालु और तीन अन्य नागरिक मारे गए थे। 20 जुलाई 2001 को आतंकियों ने शेषनाग झील के पास श्रद्धाल़ुओं के एक शिविर पर हमला किया था। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी। दो अगस्त 2000 को आतंकियों ने पहलगाम (Pahalgam) में ही श्री अमरनाथ के श्रद्धालुओं पर हमाल किया था। इसमें 21 श्रद्धालुओं समेत 32 लाेग मारे गए थे । 28 जुलाई 1998 को शेषनाग के पास ही आतंकियों ने श्रद्धालुओं पर हमला किया था,जिसमें 20 लोगों की मौत हई थी।
- किसने क्या कहा-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल सऊदी अरब के दौरे पर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा- मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा... उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस कायराना आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। साजिशकर्ताओं पर बड़ी कार्रवाई होगी और उन्हें कठोरतम परिणाम भुगतने होंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जानकारी ली थी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने गृह मंत्री को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर का दौरा करने का निर्देश दिया था।
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि मेरा गृह मंत्री से यही आग्रह है कि एक जांच बैठाई जाए और इसकी जांच हो कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं? उनका क्या मकसद था? हमारी सुरक्षा एजेंसियों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हम छह साल से बोलते आ रहे हैं कि कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं। अफसोस की बात है कि दिल्ली में बैठे लोगों को अभी भी समझ नहीं आ रहा है यहां जमीनी हकीकत क्या है। यह सिर्फ इन पर्यटकों पर हमला नहीं है ये जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक पर हमला है, ये कश्मीरियत पर हमला है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के खोखले दावों के बजाय अब जवाबदेही लेते हुए ठोस कदम उठाए ताकि आगे ऐसी बर्बर घटनाएं न होने पाएं और निर्दोष भारतीय यूं अपनी जान न गंवाएं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को ‘अमानवीय और बर्बर कृत्य’ करार देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को इस घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह आतंकी हमला (Terrorist Attack) मानवता के विरुद्ध एक अमानवीय और बर्बर कृत्य है। इस कायराना हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।’’
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने 'एक्स' पर एक सहानुभूति संदेश पोस्ट करके आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "A terrible tragedy। Please join me in praying for the victims and their families।" जिसका हिंदी में अनुवाद है, "एक भयानक त्रासदी। कृपया पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने में मेरा साथ दें।"
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की ओर से घटना के बारे में ब्रीफ किया गया है। हमें अभी तक ये जानकारी है कि दक्षिणी कश्मीर की एक पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर दर्जनों लोगों को एक आंतकी हमले में मौत के घाट उतारा गया है और उससे ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप सांत्वना जताने और आतंक के खिाफ अपना समर्थन जाहिर करने के लिए जल्द से जल्द पीएम मोदी से बात करेंगे।
भारत के उपराष्ट्रपति ने पहलगाम (Pahalgam), जम्मू और कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमले पर दुख व्यक्त किया। आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए, संदेश में लिखा था: "पहलगाम (Pahalgam), जम्मू और कश्मीर में हुए भयानक आतंकवादी हमले से बहुत दुखी हूँ। हिंसा के ऐसे कार्य निंदनीय हैं और हमारी कड़ी निंदा के पात्र हैं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।"
अब्दुलनासर अलशाली, भारत में यूएई के राजदूत, ने पहलगाम (Pahalgam), जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद अपनी संवेदना व्यक्त की। राजदूत ने एक्स पर कहा: "पहलगाम (Pahalgam), जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। मेरी प्रार्थनाएं भारत के लोगों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"
सऊदी अरब में भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान ने कहा, "कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले पर चर्चा की गई और क्राउन प्रिंस ने आतंकवादी हमले की निंदा की और इस संबंध में भारत को हरसंभव मदद की पेशकश की। आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर भारत और सऊदी अरब के बीच सहयोग है और हम साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।"
पहलगाम (Pahalgam) आतंकवादी हमले पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) क्षेत्र में निर्दोष पर्यटकों पर हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बारे में जानकर मैं बहुत दुखी और स्तब्ध हूं। हिंसा का सहारा लेना कायरतापूर्ण कार्य है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। मैं उन परिवारों का दर्द समझती हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करती हूं। पूरा देश आतंक के खिलाफ एकजुट है। हम इन विभाजनकारी और हिंसक ताकतों को हराने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हमें अतीत में मौजूद आतंक के खिलाफ व्यापक सामाजिक सहमति बनाने के लिए काम करने की जरूरत है। यह जरूरी है कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र में शांति बहाल हो।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने ट्वीट किया, "भारत में आज हुए आतंकवादी हमले से बहुत दुःख हुआ, जिसमें अनेक लोग हताहत हुए। इटली प्रभावित परिवारों, घायलों, सरकार और सभी भारतीय लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है।"
PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट किया, "चैंबर एंड बार एसोसिएशन जम्मू ने पर्यटकों पर हुए भयानक आतंकवादी हमले के विरोध में कल पूर्ण बंद का आह्वान किया है। मैं सभी कश्मीरियों से अपील करती हूं कि वे पहलगाम (Pahalgam) में हुए क्रूर हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के सम्मान में इस बंद का समर्थन करें। यह सिर्फ़ कुछ चुनिंदा लोगों पर हमला नहीं है - यह हम सभी पर हमला है। हम दुख और आक्रोश में एक साथ खड़े हैं और निर्दोष लोगों के नरसंहार की निंदा करने के लिए इस बंद का पुरजोर समर्थन करते हैं।"
पहलगाम (Pahalgam) आतंकवादी हमले में कर्नाटक के शिवमोगा जिले के एक कारोबारी मंजूनाथ राव की मौत पर सीएम सिद्धारमैया ने शोक व्यक्त किया है। सिद्धरमैया ने घटना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कर्नाटक से अधिकारियों की एक टीम कश्मीर के लिए रवाना हो गई है। मंजूनाथ राव पर जब आतंकियों ने हमला किया था तब वह पहलगाम (Pahalgam) के खूबसूरत बैसरन घाटी में मौजूद थे।
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कर्नाटक के कारोबारी मंजूनाथ की पत्नी ने क्रूरता को बयां किया
उधर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले में मारे गए कर्नाटक के कारोबारी मंजूनाथ की पत्नी ने क्रूरता को बयां किया है। मंजूनाथ की पल्लवी के सामने ही आतंकियों ने उनके पति को गोली मार दी। एक टीवी चैनल से बातचीत में पल्लवी ने बताया कि मैंने आतंकियों से कहा, मेरे पति को मार दिया, मुझे भी मार दो। इस पर आतंकी बोले तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को बता दो।
J&K : पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कर्नाटक के मंजूनाथ की आखिरी Video ????
पत्नी पल्लवी ने एक चैनल को बताया– "मैंने आतंकियों से कहा, मेरे पति को मार दिया, मुझे भी मार दो"
इस पर आतंकी बोले– "तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को बता दो" pic.twitter.com/ZlqUYiNEwg — Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) April 22, 2025
मंजूनाथ कर्नाटक के शिवमोगा के रहने वाले थे। कर्नाटक के दंपती का आखिरी वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रीफ करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह खुद श्रीनगर पहुंचे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, हमला मंगलवार दोपहर को बैसरन घास के मैदान में हुआ, जहाँ आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें ज्यादातर पर्यटक सहित 26 लोग मारे गए। सीएमओ ने एक्स पर पोस्ट किया, "पहलगाम (Pahalgam), कश्मीर में आतंकवादी हमले के समय नागपुर का एक परिवार भी वहां था। गोली की आवाज सुनकर वे एक पहाड़ी से कूद गए। सिमरन रूपचंदानी गिर गईं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।"
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जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स असोसिएशन ने हेल्पलाइन जारी की
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स असोसिएशन (JKSA) ने देश के अलग अलग राज्यों में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के लिए एक अडवाइजरी जारी की है। असोसिएशन ने कहा है कि इस तनावपूर्ण और संवेदनशील समय में शांति और सतर्कता बनाए रखें। JKSA ने छात्रों से अपील की है कि वे राजनीतिक चर्चाओं में न उलझें और सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील सामग्री को पोस्ट करने से बचें क्योंकि ऐसे कदम उन्हें किसी प्रकार की प्रतिक्रिया या खतरे की स्थिति में डाल सकते हैं। किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए असोसिएशन ने ये हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। 9149676014, 7006922829, 8825005327, 9906299199, 9602689622, 6006169477, 8082602445, 9149500623, 6006333584
26 में से 16 मृतकों की लिस्ट जारी
- मंजू नाथ शिवमू- कर्नाटक
- शिवम मोग्गा- कर्नाटक
- विनय नरवाल- हरियाणा
- शुभम द्विवेदी- यूपी
- दिलीप जयराम देसले- महाराष्ट्र
- अतुल श्रीकांत मोने- महाराष्ट्र
- संदीप नेवपाणे- नेपाल
- बीटन अधिकेरी
- उधवानी प्रतीप कुमार- UAE
- संजय लखन लेले
- सय्यद हुसैन शाह- अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर)
- हिम्मत भाई- गुजरात
- प्रशांत कुमार बालेश्वर
- मनीष रंजन
- रामचंद्रम
- शैलेंद्र काल्पिया
10 घायलों की लिस्ट
- वीनी भाई- गुजरात
- मानिक पटेल
- रिनो पांडे
- एस बालचंद्रू- महाराष्ट्र
- डॉ परमेश्वरम- तमिलनाडु
- अभिजवम राव- कर्नाटक
- संत्रू आगे- तमिलनाडु
- शशि कुमारी- ओडिशा
- बालचंद्रा- तमिलनाडु
- शोभित पटेल- मुंबई
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