Political News: संभल हिंसा पर राजनीति हुई शुरू, मायावती और अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना।

उत्तर प्रदेश के संभल में जमा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।जबकि कई लोग इस हिंसा में घायल भी हुए हैं। वही....

Nov 25, 2024 - 11:29
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Political News: संभल हिंसा पर राजनीति हुई शुरू, मायावती और अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना।

अशरफ अंसारी की रिपोर्ट-

संभल में जमा मस्जिद की सर्वे के दौरान हुए बवाल को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधने का काम किया और इस बवाल पर सरकार को दोषी ठहराया।

  • मायावती ने मस्जिद सर्वे को लेकर सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के संभल में जमा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।जबकि कई लोग इस हिंसा में घायल भी हुए हैं। वही इस हिंसा को लेकर अब राजनीति भी शुरू होती हुई दिखाई दे रही है। इस हिंसा को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने एक बयान दिया है। मायावती ने कहा कि कल यूपी के उपचुनावों के अप्रत्याशित परिणामों के बाद मुरादाबाद मंडल, खासकर संभल जिले में तनाव था। आगे कहा कि जो विवाद था उसको शांतिपूर्वक प्रशासन कुछ समझना चाहिए था और शांतिपूर्वक ही निपटाना चाहिए था। इस सर्वे के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लेकर जाना चाहिए था लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया इसके लिए प्रशासन की पूरी लापरवाही है।मायावती ने संभाल की जनता से अपील की है कि वह शांति व्यवस्था बनाए रखें।

  • सरकार के आदेश पर भेजी गई टीम

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसक घटना पर यूपी सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर और जानबूझकर की गई घटना है, क्योंकि मस्जिद का सर्वे पहले ही हो चुका था। फिर भी सुबह को सर्वे टीम को भेजा गया, ताकि माहौल को खराब किया जा सके और चुनावी मुद्दों पर चर्चा से ध्यान भटकाया जा सके। अखिलेश ने यह भी जानकारी दी कि इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं और एक युवक की जान भी चली गई है। 

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उन्होंने सवाल किया कि जब मस्जिद का सर्वे पहले ही किया जा चुका था, तो फिर से इसका क्या औचित्य था, और वह भी बिना किसी तैयारी के। अखिलेश ने इसे बीजेपी सरकार और प्रशासन की साजिश बताया, और कहा कि यह घटना प्रशासन ने जानबूझकर करवाई, ताकि चुनावों में हो रही धांधली और व्यापारी मामलों पर चर्चा न हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हिंसा को बढ़ावा दिया, ताकि राजनीति मुद्दों पर किसी भी तरीके की बात ना हो सके।

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