Prayagraj : यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो जालसाज गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान पता चला कि यह जालसाजी 2014 से चल रही थी। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया पर नंबर बढ़वाने और नई डिग्री बनवाने के लुभावने विज्ञापन देते थे। खुद को बोर्ड कार्यालय का कर्मचारी बताकर वे
प्रयागराज की साइबर क्राइम पुलिस ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की नकली वेबसाइट बनाकर छात्रों और अभिभावकों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह पिछले 12 सालों से सक्रिय था और अब तक करीब 7000 फर्जी मार्कशीट बेच चुका है। पुलिस ने आजमगढ़ निवासी शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा और मनीष कुमार राय को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 217 बनी हुई फर्जी मार्कशीट, 1000 होलोग्राम, 42 नकली मुहरें, कंप्यूटर, प्रिंटर, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी बोर्ड की असली वेबसाइट की नकल कर फर्जी पोर्टल चलाते थे ताकि लोगों को धोखा दिया जा सके।
पूछताछ के दौरान पता चला कि यह जालसाजी 2014 से चल रही थी। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया पर नंबर बढ़वाने और नई डिग्री बनवाने के लुभावने विज्ञापन देते थे। खुद को बोर्ड कार्यालय का कर्मचारी बताकर वे लोगों को विश्वास में लेते और मनमाने दामों पर फर्जी दस्तावेज बेचते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे और मार्कशीट की डिलीवरी हमेशा कूरियर के जरिए करते थे। मुख्य आरोपी शशि प्रकाश राय लंबे समय से इस अवैध धंधे का संचालन कर रहा था। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी मार्कशीट खरीदने वालों की भी तलाश कर रही है।
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